विजय माल्या के खिलाफ वारंट जारी,नहीं होगी बेल

vijayशराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ दिल्ली की अलग-अलग अदालतों ने शुक्रवार को विदेशी मुद्रा विनियमन कानून-फॉरेन एक्सचेंज रेग्युलेशन एक्ट (फेरा) के उल्लंघन के एक मामले में और साल 2012 के एक चेक बाउंस के मामले में 2 गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किए. मुख्य महानगर दंडाधिकारी सुमित दास ने सुनवाई के दौरान माल्या के अदालत में मौजूद नहीं होने पर एक गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर को मुकर्रर कर दी. आपको बता दें कि विजय माल्या 2 मार्च से लंदन में हैं और भारतीय अदालतों के बार-बार समन और वॉरेंट जारी करने के बावजूद भारत नहीं लौट रहे हैं.

  • अदालत ने यह भी कहा कि विजय माल्या का यह दावा गलत और प्रक्रिया का दुरुपयोग करने वाला है कि वह भारत लौटना चाहते हैं लेकिन उनका पासपोर्ट निरस्त कर दिया गया है.
  • वहीं ईडी का कहना है कि किंगफिशर ब्रैंड के विदेश में प्रमोशन के लिए लंदन स्थित बेनेटन फॉर्म्युला लिमिटेड के साथ दिसंबर 1995 में हुए एक करार के संबंध में माल्या को पूछताछ के लिए 4 बार समन जारी किया गया है लेकिन वो अभी तक अदालत में पेश नहीं हुए हैं.

अदालत साल 2000 के विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (फेरा) से जुड़े मामले की अंतिम सुनवाई कर रही थी. इनमें माल्या पर विदेशों में अपनी कंपनी के शराब उत्पादों के विज्ञापन के लिए धन जुटाने में फेरा के प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप है. प्रवर्तन निदेशालय-इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने 4 अक्टूबर को अदालत को बताया कि माल्या भारत आने के लिए आपात यात्रा दस्तावेज हासिल कर सकते हैं. माल्या इसके जरिए अपने खिलाफ चल रहे विदेशी मुद्रा विनियमन कानून के उल्लंघन के मामले में पेश हो सकते हैं.

  • माल्या ने 9 सितंबर को अदालत में व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि वह एक विदेशी मुद्रा विनियमन कानून के उल्लंघन मामले में सुनवाई के लिए देश लौटने में सक्षम नहीं हैं, क्योंकि भारतीय अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट निलंबित कर दिया है.
  • अदालत ने 9 जुलाई को माल्या से 9 सितंबर को अदालत में खुद मौजूद होने को कहा था. अदालत ने यह आदेश प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामले में व्यक्तिगत पेशी से छूट हटाने की याचिका पर दिया था.
  • हालांकि आज अदालत में वकीलों ने कहा कि विजय माल्या के लिए देश और कोर्ट के लिए कोई सम्मान की भावना नहीं रखते और वो भारत लौटना ही नहीं चाहते हैं.
  • विजय माल्या के वकील ने अदालत के सामने व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की मांग को लेकर एक याचिका दी और अदालत से अनुरोध किया कि उनका मुवक्किल लंदन में रह रहा है.
  • ईडी के अनुसार, माल्या पर लंदन में वन वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक ब्रिटेन की कंपनी को किंगफिशर का लोगों प्रदर्शित करने और कुछ दूसरे यूरोपीय देशों में 1996,1997 और 1998 में प्रचार के लिए 200,000 डॉलर का भुगतान करने का आरोप है.

एजेंसी ने दावा किया कि यह धन भारतीय रिजर्व बैंक की बिना पूर्व स्वीकृति के भुगतान किया गया. इसमें फेरा मानदंडों का उल्लंघन किया गया. इसे लेकर माल्या को सम्मन जारी किया गया और उन पर मुकदमा चलाया गया. दिल्ली की अदालत ने 20 दिसंबर, 2000 को उन्हे व्यक्तिगत पेशी से छूट दी थी. एक अन्य चेक बाउंस मामले में महानगर दंडाधिकारी सुमित आनंद ने छह अगस्त को गैर जमानती वारंट जारी किया था. अदालत ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया था कि वह इसे लंदन में रह रहे माल्या को तक पहुंचाए.

माल्या को शुक्रवार अदालत में पेश होने में विफल रहने पर न्यायाधीश आनंद ने एक नया गैर जमानती वारंट उनके खिलाफ जारी किया. मामले में न्यायाधीश ने अगली सुनवाई 4 फरवरी, 2017 को मुकर्रर कर दी.

माल्‍या के खिलाफ दिल्‍ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने चेक बाउंस का केस दर्ज कराया है. डायल ने 2012 में 7.5 करोड़ रुपए के चेक बाउंस के मामले में माल्या के खिलाफ 4 मामले भी दर्ज कराए हैं.

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