बलात्कार का दंश..

rape-saswatहाल के दिनों में पूरे देश में महिलाओं पर यौन हिंसा सहित विभिन्न तरह के अत्याचार के मामले काफी हदतक बढ़ गए हैं. महिलाओं, नाबालिग लड़कियों तथा छोटी-छोटी बच्चियों के साथ रेप की घटनाओं में तेजी सेइजाफा हो रहा है .महिलाओं के साथ अपराध की  घटनाएं किसी एक राज्य या शहर तक सीमित नहीं है.

लखनऊ ,दिल्ली,पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखण्ड, उत्तर प्रदेश सभी राज्यों में  बलात्कार तथा छेड़-छाड़ कीबर्बर घटनाएं सर चढ़कर बोल रही हैं. घर हो या बाहर महिलायें कहीं भी वह सुरक्षित नहीं है.  हैरानी की बातहै कि दरिंदे न महिला की उम्र देखते हैं न जगह वह मासूम बच्ची हो या बुजुर्ग महिला सभी को अपनी हवसका शिकार बना रहे हैं . ऐसे समाज को हम किस आधार पर सभ्य व सुसंस्कृत समाज कह सकते हैं ?

फुटपाथ पर रहने वाली एक किशोरी से गैंगरेप  करने के बाद उसे बेबस हालात में झकझोर देने वाली घटना. किशोरी साढ़े सात माह की गर्भवती थी .रेप के बाद किशोरी ने  अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया.इसकेस में एक तरफ जहां किशोरी को अमानवीय हालात सहने पड़े, वहीं दूसरी ओर पुलिस का मानवीय पक्ष भीसामने आया आरोपियों ने किशोरी के साथ फुटपाथ पर ही रेप किया और उसके बाद उसे वहीँ मरने के लिएछोड़ दिया.

महिलाओं की सुरक्षा के मामले में हमेशा सवालों के घेरे में रहने वाला उत्तर प्रदेश का बागपत जिला .जहाँपहले चार हैवानों ने पीड़िता के साथ रेप की कोशिश की लेकिन जब पीडिता ने  हिम्मत ना हारते हुए अपनीआबरू बचाने के लिए उनका विरोध किया तो  सनक में डूबे सिरफिरों ने पीड़िता के कान काट दिए और उसेजख्मी हालत में छोड़कर फरार हो गए .हैवानों ने पीड़िता को ऐसा जख्म दिया है जिसे वह चाह कर भी भूलनहीं पाएगी.

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