जयललिता अभी मरी नहीं… तुम क्यों मर रहे हो?

jayalalithaतमिलनाडु की सीएम और एआईएडीएमके प्रमुख जयललिता अभी अस्पताल में दिल्ली और लन्दन के टॉप क्लास डाक्टर्स से इलाज करवा रहीं है. जया की हालत अभी तक नाजुक बताई जा रही हैं. उन्हें आईसीयू में हार्ट असिस्ट डिवाइस पर रखा गया है. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अस्पताल के बाहर भारी संख्या में सुरक्षाबल की तैनाती की गई है.

उम्मीद है वे ठीक हो जायेंगी और अगर ठीक नहीं भी हुई तो देश में कितने कटने लोग बिना इलाज के मारी जाते हैं. इस पर जयललिता को उचित इलाज मिल रहा है और देश दुनिया की दुयाएं भी. फिर अगर वे नहीं बाख पाती हैं समझ लो भगवान की यही इच्छा रही होगी.

मृत्यु दुनिया का शाश्वत नियम है. हर किसी  की मौत आती है. कोई भूख और गरीबी से मरता है तो कोई ऐशोआराम के बावजूद बीमारियों से मरता है. मांबाप की मौत होती है तो बच्चे उनका अंतिम संस्कार करके सारी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हैं और फिर अपनी रोजमर्रा की जिन्दगी में मशरूफ हो जाते हैं. कोई किसी के साथ न मरता है और न उसके साथ स्वर्गनरक साथ जाता है.

CM

लेकिन दक्षिण भारत की कहानी जरा अलग है. यहाँ की जनता नेता, अभिनेता को इस कदर पूजती है कि उनकी बीमार होने की खबर भर से खाना पीना छोड़कर विलाप करने बैठ जाती है. और अगर उनका चहेता जल्दी ठीक नहीं हुआ तो लॉ एंड ऑर्डर की हालत तो खराब होती है. कई लोग खुद को आग भी लगा डालते हैं.

  • अस्पताल की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क को बंद कर दिया गया है.
  • चेन्नै में वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है.
  • कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ने किया तमिलनाडु के लिए बस सेवा को अस्थाई तौर पर बंद.
  • सीआरपीएफ की टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है.
  • अमेरिका ने वहां रह रहे अपने नागरिकों के लिए अडवाइजरी जारी कर दी है ताकि हिंसा न भड़के.
  • राज्य सरकार ने स्कूल-कॉलेज बंद करने की कोई घोषणा नहीं की है, लेकिन कई स्कूल बंद रहे.

Read also : जयललिता को दिल का दौरा अस्पताल के बाहर समर्थकों की भीड़

जब से खबर आयी कि जय ललिता को दिल का दौरा पड़ा है, उनके हजारों समर्थक उनकी सलामती की दुआएं कर रहे हैं. कुछ अस्पताल के बाहर मातम मचा रहे हैं तो कुछ यज्ञ हवन करके उनकी जान बचाने की विधियां कर रहे हैं. यहाँ तक तो सब ठीक था लेकिन एक कार्यकर्ता अपनी इस अतिप्रिय नेत्री और अभिनेत्री की इस हालत को बर्दाश्त नहीं कर सका और उनके जाने का इन्तेजार किये बिना खुद दुनिया से कूच कर गया.

खबर है कि एक कार्यकर्ता इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सका और उसकी मौत हो गई. कडलोर जिले के गांधी नगर में रहने वाले एआईएडीएमके कार्यकर्ता ने बीती रात जया की हालत नाजुक होने की खबर सुनी और उसकी सेहत बिगड़ने लगी. कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई.

ये कुछ ज्यादा नहीं हो गया. कुछ समय पहले जब रजनीकांत बीमार हुए थो उनके हजारों फैन्स इसी तरह उन्माद पर उतर आये थे.  इतना प्यार तो अपने मांबाप से भी नहीं करता. अगर करता होता तो हमने कभी सुना नहीं की घर में किसी मौत होने पर सदमे में पड़ोसी ने जान दे दी हो.

दरअसल दक्षिण भारत में व्यक्ति पूजावाद इतना ज्यादा है कि वहां फिल्म अभिनेता और नेताओं को मसीहा और भगवान मान लिया जाता है. उसे कुछ भी हो जाए ये लोग सड़कों पर सब काम काज छोड़कर उतर आते हैं और दुनिया सर पर उठा लेते हैं.

Read also : भारतरत्न उस्‍ताद बिस्‍मिल्‍लाह खां के घर से पांच शहनाइयां चोरी

पिछले दिनों दक्षिण भारत के दो सुपरस्टार  के फैन आपस में लड़ गए और एक की हत्या तक हो गयी. तुरा यह है कि वह सुपरस्टार उनके परिवार से मिलने गया और आग में घी डालते हुए फैन्स के बीच की गुटबंदी को और हवा दे दी. पवन कल्याण, एनटीआर, अजीत और विजय के फैन्स तो अपने अपने सितारे की बुराई सुनते ही हत्यारे बन जाते हैं.

हो सकता है कि ये सितारे गरीबों के लिए चैरिटी करते हों या फिर जयललिता की तरह अम्मा स्कीम चलाते हों लेकिन इतना पागलपन भी किस काम का. अपना काम कीजिये, देश भर में भूखे और गरीबों की मदद कीजेये.

उन्हें असमय मौत की चपेट में आने से बचाइये. बाकी प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए तो दुनिया भर के साधन और धन हैं हीन. आप क्यों सदमे में जान दिए जा रहे हैं. जब आप मरेंगे तो आपके लिए भी को सदमे में जान देने वाला होगा क्या? जरा सोचिये?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.