रामनाथ कोविंद होंगे देश के 14वें राष्ट्रपति

इस पद पर चुना जाना कभी लक्ष्य ही नहीं था- कोविंद 

 

Indian-President9 प्रधानमंत्री देने वाले यूपी से देश के पहला प्रेसिडेंट होंगे रामनाथ कोविंद। इससे पहले लखनऊ में जन्मे मोहम्मद हिदायतुल्लाह दो बार एक्टिंग प्रेसिडेंट रह चुके हैं।

रामनाथ कोविंद देश 14वें राष्ट्रपति होंगे। राष्ट्रपति चुनाव में डाले गए वोटों की काउंटिंग गुरुवार को हुई, जिसमें रामनाथ कोविंद को मीरा कुमार से दोगुने और 65% वोट हासिल हुए। राष्ट्रपति पद के लिए चुने जाने से पहले रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल पद पर थे। कोविंद राष्ट्रपति भवन में प्रणव मुखर्जी की जगह लेंगे। मौजूदा राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है। इसके अगले दिन 25 जुलाई को 11 बजे रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।

कोविंद दूसरे दलित और पहले ऐसे राष्ट्रपति होंगे जो बीजेपी से सीधे जुड़े रहे हैं। नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने कोविंद को जीत की बधाई दी। मोदी ने मीरा कुमार को भी बधाई दी और कहा- उन्होंने जिस भावना के साथ चुनाव लड़ा, उस पर हम सबको गर्व है। कोविंद ने कहा, “ये बेहद भावुक मौका है। राष्ट्रपति पद के लिए चुना जाना मेरा लक्ष्य नहीं था। अब संविधान की रक्षा मेरा कर्तव्य होगा और मैं सर्वे भवंतु सुखिन: की भावना से काम करूंगा।” बता दें कि वोटिंग बीते सोमवार को हुई थी। तब राष्ट्रपति चुनाव के 65 साल में सबसे ज्यादा 99% वोट डाले गए।

कोविंद ने कहा, “हम मीरा कुमार को भी शुभकामनाएं देते हैं। जिस पद का गौरव राजेंद्र प्रसाद, राधाकृष्णन, एपीजे अब्दुल कलाम, प्रणब मुखर्जी जैसे विद्वानों ने बढ़ाया है, उसके लिए चयन मुझे जिम्मेदारी का अहसास कराता है। यह बहुत भावुक क्षण है। आज दिल्ली में सुबह से बारिश हो रही है। इस मौसम में मुझे बचपन का अपना वो गांव याद आता है। मिट्टी का घर था, कच्ची दीवारें थीं, फूस की छत के नीचे खड़े होकर हम भाई-बहन सोचते थे कि बारिश कब बंद होगी। कितने ऐसे रामनाथ होंगे जो खेती कर रहे होंगे, बारिश में भीग रहे होंगे, जीवन के लिए संघर्ष कर रहे होंगे। आज परौंख गांव का कोविंद उन्हीं का प्रतिनिधि बनकर राष्ट्रपति भवन जा रहा है। इस पद पर चुना जाना मेरा लक्ष्य नहीं था, मैंने कभी इस बारे में कभी सोचा तक नहीं था। देश के लिए अथक सेवा भाव मुझे यहां तक लाया है। संविधान की रक्षा करना और उसकी मर्यादा बनाए रखना मेरा कर्तव्य होगा। मैं राष्ट्र की सेवा में निरंतर लगा रहूंगा। देश के लोगों का मैं आभार व्यक्त करता हूं।”

कोविंद जी पर संविधान की रक्षा का जिम्मा- मीरा कुमार

मीरा कुमार ने कहा, “मैं सम्मानीय कोविंद जी को भारत के राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई देती हूं। कठिन समय में उन पर संविधान की रक्षा का दायित्व आया है। सोनिया गांधी और देश के नागरिकों को धन्यवाद देती हूं, जिन्होंने मेरा उत्साहवर्धन किया। जिस विचारधारा की लड़ाई के लिए मैं इस चुनाव में खड़ी हुई, वो आज 20 जुलाई 2017 के बाद भी जारी रहेगी।”

किस राष्ट्रपति को कितने वोट मिले?

कब प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट कितने वोट मिले
2017 रामनाथ कोविंद 7,02,044
2012 प्रणब मुखर्जी 7,13,763
2007 प्रतिभा पाटिल 6,38,116
2002 अब्दुल कलाम 9,22,884
1997 के. आर. नारायणन 9,56,290
1992 शंकर दयाल शर्मा 6,75,864
1987 आर. वेंकटरमण 7,40,148
1982 ज्ञानी जैल सिंह 7,54,113
1977 नीलम संजीव रेड्डी निर्विरोध
1974 फखरुद्दीन अली अहमद 7,54,113
1969 वी. वी. गिरि 4,20,077
1962 जाकिर हुसैन 4,71,244
1962 डॉ. एस. राधाकृष्णन 5,53,067
1957 डॉ. राजेन्द्र प्रसाद 4,59,698
1952 डॉ. राजेन्द्र प्रसाद 5,07,400

 राष्ट्रपति चुनाव में हुई थी 99% वोटिंग

  • राष्ट्रपति इलेक्शन में सोमवार को करीब 99% वोटिंग हुई थी। रिटर्निंग अधिकारी अनूप मिश्रा ने बताया कि यह अब तक की सबसे ज्यादा वोटिंग है।
  • लोकसभा (543) और राज्यसभा (233) में कुल 776 सांसद हैं। लोकसभा और राज्यसभा से दो-दो सीट खाली हैं। बिहार के सासाराम से बीजेपी के सांसद छेदी पासवान के पास वोटिंग का अधिकार नहीं था। इस तरह 771 सांसदों को वोट डालना था, लेकिन 768 सांसदों ने ही वोटिंग की। वहीं टीएमसी के तापस पाल, बीजेडी के रामचंद्र हंसदह और पीएमके के अंबुमणि रामदौस ने वोट नहीं डाले। ये सभी लोकसभा सांसद हैं। दोनों सदनों में 99.61% वोटिंग हुई।
  • देश में 31 विधानसभाएंं हैं। इनमें 4120 एमएलए हैं। इनमें 10 सीट खाली है और एक विधायक अयोग्य है। इस तरह, 4,109 विधायकों को वोट डालना था, लेकिन 4,083 ने वोटिंग की। यानी कुल 99.37% वोटिंग हुई।

क्यों मायने रखता है इस बार का राष्ट्रपति चुनाव?

  • दलित: देश को केआर नारायणन के बाद दूसरा दलित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के रूप में मिला।
  • एनडीए: एपीजे अब्दुल कलाम के बाद दूसरी बार एनडीए की पसंद के राष्ट्रपति होंगे रामनाथ कोविंद।
  • यूपीए: मीरा कुमार की हार के बाद यूपीए को प्रतिभा पाटिल के बाद दूसरी महिला राष्ट्रपति बनवाने का क्रेडिट नहीं मिल पाया।
  • बीजेपी: 37 साल में पहली बार सर्वोच्च पद पर उसका नेता रहेगा। 6 अप्रैल 1980 को पार्टी बनी थी। 1990 में पहली सरकार राजस्थान में बनी। 1996 में देश में उसकी केंद्र में पहली सरकार बनी। अटल बिहारी वाजपेयी पीएम बने थे। कलाम एनडीए की पसंद के राष्ट्रपति बने थे, लेकिन वे भाजपा के नहीं थे। भैरोंसिंह शेखावत बीजेपी के थे जो उपराष्ट्रपति थे। कोविंद के रूप में सर्वोच्च पद ऐसा नेता संभालेगा जो बीजेपी से जुड़ा रहा है।
  • यूपी:9 प्रधानमंत्री देने वाले यूपी से देश के पहला प्रेसिडेंट होंगे रामनाथ कोविंद। इससे पहले लखनऊ में जन्मे मोहम्मद हिदायतुल्लाह दो बार एक्टिंग प्रेसिडेंट रह चुके हैं।

कब पद संभालेंगे नए राष्ट्रपति?

  • प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है। नए राष्ट्रपति कोविंद 25 जुलाई को पद संभालेंगे। उसी दिन प्रणब का फेयरवेल संसद के सेंट्रल हॉल में होगा। स्पीकर सुमित्रा महाजन स्पीच देंगी। वे प्रणब को एक स्मृति चिह्न और सभी सांसदों के सिग्नेचर वाली बुक देंगी। इसके बाद हाई-टी होगी।
  • रिटायरमेंट के बाद प्रणब उसी बंगले में शिफ्ट होंगे, जहां पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम रहते थे। बताया जाता है कि प्रणब रिटायरमेंट के बाद अपनी ऑटोबायोग्राफी का तीसरा पार्ट लिखना चाहते हैं।

कौन चुनता है राष्ट्रपति? क्या है जीत का गणित?

  • लोकसभा सांसद: कुल 543
  • राज्यसभा सांसद: कुल 233
  • 31 विधानसभा के विधायक: कुल 4120
  • MLAs की टोटल वोट वैल्यू:5,49,474
  • MPs की टोटल वोट वैल्यू: 5,48,408
  • टोटल वोट वैल्यू: 10,98,882
  • जीत के लिए जरूरी: 50% से एक ज्यादा यानी 5,49,442 वोट

कैसे निकालते हैं वोट वैल्यू?

राष्ट्रपति चुनाव में डाले जाने वाले वोट की वैल्यू तय होती है। इसमें राज्य की आबादी का अहम रोल होता है। विधायकों और सांसदों की वोट वैल्यू निकालने के लिए दो अलग-अलग फॉर्मूले इस्तेमाल किए जाते हैं।

a) विधायक

  • इनके वोट की वैल्यू तय करने के लिए कुल विधायकों की संख्या में 1000 का मल्टीप्लाई किया जाता है। फिर इससे राज्य की 1971 में रही कुल आबादी को डिवाइड कर दिया जाता है। देशभर के विधायकों के वोटों की टोटल वैल्यू 5,43,218 है। विधायकों की संख्या बीच में कम होने पर किसी राज्य में एक विधायक की वोट वैल्यू नहीं बदलती।
  • जैसे मध्य प्रदेश की 1971 में कुल आबादी 30,017,180 थी। इसलिए मध्य प्रदेश में एक विधायक की वोट वैल्यू 30,017,180/230X1000 = 30,017,180/230000 = 131 है।

b) सांसद

  • इनके वोट की वैल्यू निकालने के लिए देशभर के कुल 4120 विधायकों की कुल वोट वैल्यू 5,49,495 को कुल सांसदों की संख्या (776) से डिवाइड कर देते हैं। यानी 5,49,495 को 776 से डिवाइड करेंगे। इससे एक सांसद की वोट वैल्यू 708 निकलेगी। सांसदों की संख्या बीच में कम होने पर यह वोट वैल्यू नहीं बदलती।

अब तक कौन-कौन बने देश के राष्ट्रपति
भारत का राष्ट्रपति न सिर्फ देश का मुखिया होता है बल्कि प्रथम नागरिक भी होता है। राष्ट्रपति के पास सशस्त्र सेना की सर्वोच्च कमान भी होती है। अब आईये आपको बताते हैं कि स्वतंत्रा प्राप्ति के बाद अब तक देश में कितने राष्ट्रपति बने हैं
1- डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ( 26 जनवरी 1950 से 12 मई 1962), 12 वर्ष सबसे लंबा कार्यकाल
2- ड़ॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ( 13 मई 1962 से 13 मई 1967)
3- जाकिर हुसैन (13 मई 1967 से 3 मई 1969)
3- वराहगिरि वेंकटगिरि ( 3 मई 1969 से 20 जुलाई 1969)
3- मुहम्मद हिदायतुल्लाह ( 20 जुलाई 1969 से 24 अगस्त 1969)
4- वराहगिरि वेंकटगिरि ( 24 अगस्त 1969 से 24 अगस्त 1974)
5- फ़खरुद्दीन अली अहमद ( 24 अगस्त 1974 से 11 फरवरी 1977)
5- बासप्पा दानप्पा जत्ती ( 11 फरवरी 1977 से 25 जुलाई 1977)
6- नीलम संजीव रेड्डी (25 जुलाई 1977 से 25 जुलाई 1982)
7-ज्ञानी जैल सिंह (25 जुलाई 1982 से 25 जुलाई 1987)
8- रामास्वामी वेंकटरमण (25 जुलाई 1987 से 25 जुलाई 1992)
9- शंकर दयाल शर्मा ( 25 जुलाई 1992 से 25 जुलाई 1997)
10- के. आर. नारायणन ( 25 जुलाई 1997 से 25 जुलाई 2002)
11- ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ( 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007)
12- प्रतिभा पाटिल ( 25 जुलाई 2007 से 25 जुलाई 2012)
13- प्रणब मुखर्जी  ( 25 जुलाई 2012 से 25 जुलाई 2017)

 

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