Noteban – ई-वॉलेट पर मेहरबानी, डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन पर नहीं लगेगा पैसा

debitttनोटबंदी के 15वें दिन सरकार द्वारा लिए गए अहम फैसलों के बारे में बताते हुए आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और कुछ निजी बैंक 31 दिसंबर तक डेबिट कार्ड के प्रयोग पर सेवा शुल्क हटाने को राजी हो गए हैं. सरकार डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा दे रही है.

Also Read:- सरकार का दखल मीडिया में नहीं होना चाहिए – PM Modi

उनके द्वारा सरकार के फैसलों पर कही गई बातों के प्रमुख अंश :

    • कृषि संबंधी कर्जों की मदद के लिए नाबार्ड ने जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए 21000 करोड़ रुपये की सीमा की अनुमति दी है
    • डेबिट कार्डों पर लगने वाले एमडीआर शुल्क, बैंकों द्वारा लिए जाने वाले शुल्क और स्विचिंग शुल्क सभी को समाप्त कर दिया गया है. इस प्रकार डेबिट कार्डों के उपयोग पर अब कोई शुल्क नहीं होगा.

Also Read:- जब करोड़ की औकात हुई दो कौड़ी की…

    • इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट जैसे पेटीएम से भुगतान की सीमा बढ़ाई गई. ई वॉलेट से पेमेंट की सीमा 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपए की गई है
    • रिजर्व बैंक, आम बैंकों, नाबार्ड को सहकारी बैंकों को नकदी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को कर्ज और एक निश्चित मात्रा में नकदी सुनिश्चित हो सके
    • अब तक 82 हजार एटीएम कैलीब्रेट कर दिए गए हैं. कुछ ही दिनों के भीतर सभी एटीएम नए नोटों के हिसाब से कैलीब्रेट कर लिए जाएंगे.

Also Read:- सनी लियोनी की यह फिल्मी भारत में नहीं दिखाई जाएगी

  • रेल यात्रियों के लिए सरकार ने ऐलान किया है कि भारतीय रेल 31 दिसंबर तक ई-टिकट बुक कराने पर सेवा शुल्क नहीं लेगा
  • फीचर फोनों से किए जाने वाले सभी डिजिटल लेन-देन 31 दिसंबर तक सेवा शुल्क से मुक्त रहेंगे
  • सभी सरकारी संगठनों, सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी एजेंसियों को सलाह दी गई है कि वेतन देने और अन्य खचरें के लिए डिजिटल भुगतान का उपयोग करें

बता दें कि रिजर्व बैंक ने 2012 में डेबिट कार्डों के लिए एमडीआर की सीमा तय कर दी थी. यह सीमा दो हजार रुपये तक की राशि के लेन-देन पर मूल्य का 0.75 प्रतिशत और उससे अधिक के लेनदेन पर एक प्रतिशत थी. हालांकि, क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर रिजर्व बैंक ने एमडीआर की कोई सीमा तय नहीं की है.

देश में नकदी रहित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए और कार्ड से लेनदेन का बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए रिजर्व बैंक ने मार्च में एक परिपत्र जारी कर लोगों से राय मांगी थी. अक्टूबर 2015 तक देश में 61.5 करोड़ डेबिट कार्ड धारक और 2.3 करोड़ क्रेडिट कार्ड धारक थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.