नोटबंदी में 23 लाख एकाउंट में जमा हुई बड़ी रकम पर आयकर विभाग की नजर

 

Income Taxपिछले वर्ष नोटबंदी के दौरान 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बैंक में जमा कर काले धन को सफेद बनाने की खुशी मना रहे लोगों की नींद उड़ने वाली है। आयकर विभाग 23 लाख से अधिक ऐसे बैंक खातों की पहचान की है जिसमें नोटबंदी के समय में भारी भरकम कैश जमा हुआ है। अब विभाग एक-एक कर ऐसे बैंक खातों की जांच कर रहा है और विभाग उन लोगों से पूरा हिसाब मांग रहा है जिनके खाते में यह रकम जमा हुई है।

आयकर विभाग ने नोटबंदी के बाद बैंक खातों की पड़ताल के लिए ऑपरेशन क्‍लीन मनी शुरू किया था। जिसके तहत बैंकों से उन खातों की जानकारी देने के लिए कहा था कि जिनमें नोटबंदी के दौरान भारी भरकम नकदी जमा हुई है। ऑपरेशन क्‍लीन मनी के पहले चरण में विभाग ने ऐसे 17.92 लाख बैंक खातों की पहचान की जिसमें बड़ी मात्रा में पुराने नोट जमा हुए हैं। इसके बाद आयकर विभाग ने मई में फिर ऑपरेशन क्‍लीन मनी शुरू किया। जिसमें 5.68 लाख नए खातों की पहचान की गई जिसमें बड़ी मात्रा में रकम जमा हुए हैं।

इतना ही नहीं, विभाग ने नोटबंदी के बाद सर्वे और छापेमारी की कार्रवाई में अब तक 23,000 करोड़ रुपये से अधिक अघोषित आय भी पकड़ी है। यह आय डॉक्टरों से लेकर ज्वैलरों और रियल एस्टेट वालों के यहां पड़ताल से मिली है। सूत्रों ने कहा कि ऑपरेशन क्लीन मनी के पहले चरण में 900 समूहों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की। इसमें उन्होंने 16,398 करोड़ रुपये की अघोषित आय स्वीकार की। इस कार्रवाई में विभाग ने 636 करोड़ रुपये कैश सहित 900 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की। इसके अलावा 8,239 मामलों में सर्वे कार्रवाई की गई। इसमें विभाग ने 6,746 करोड़ रुपये की अघोषित आय पकड़ी। आयकर विभाग ने 400 से अधिक मामले जांच के लिए आयकर विभाग और सीबीआइ के पास भी भेजे हैं।

आयकर विभाग ने अब तक जो जांच की है, उसमें पता चला है कि नोटबंदी के दौरान तमाम ज्वैलरों, पेट्रोल पंपों, व्यापारियों, रियल एस्टेट वालों, डॉक्टरों, सरकारी कर्मचारियों और शेल कंपनियों ने जमकर पुराने नोट बैंकों में जमा किए। इसके अलावा पूर्वोत्तर में आयकर से छूट की सुविधा का भी दुरुपयोग लोगों ने पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट जमा करने के लिए किया।

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