नोटबंदी के कारण एलआईसी ने अपने ग्राहकों को किस्त पेमेंट में दी राहत

LIC-&-Old-Currencyभारतीय जीवन बीमा निगम ने सरकार द्वारा 500 और 1000 के पुराने नोट बंद करने के चलते आए नकद संकट को देखते हुए अपने पॉलिसीधारकों को पॉलिसी की रिन्यूअल अवधि बढ़ा दिया है. एलआईसी ने अपने द्वारा जारी किए गए एक बयान में कहा कि हमारे पॉलिसीधारकों को नोटबैन के चलते पॉलिसी रिन्यू के लिए प्रीमियम भुगतान में दिक्कत ना हो, इसके लिए यह विशेष राहत दी गई है.

एलआईसी के अनुसार जिन पॉलिसीज का ग्रेस पीरियड 9 से 30 नवंबर के बीच पूरा हो रहा है, वे बिना पेनेल्टी के 30 नवंबर तक प्रीमियम जमा करवा सकते हैं. ना केवल पेनल्टी ब्याज में राहत दी गई है बल्कि, हैल्थ अथवा मेडिकल रिपोर्ट जैसे दस्तावेज की आवश्यकता को भी 30 नवंबर तक मुक्त रखा गया है. वहीं सरकार द्वारा नोटबंदी के चलते रेलवे, अस्पताल और अन्य संस्थाएं लोगों के लिए राहत के कदम उठा रहे हैं.


इसी बीच आयकर विभाग ने डाकघरों और बैंकों से कहा है कि 50 हजार से ज्यादा रकम एक दिन में जमा कराने वालों की जानकारी अनिवार्य रूप से दें. अगर कोई व्यक्ति रोजाना बैंक या पोस्ट ऑफिस में इन 50 दिनों के दौरान 2.5 लाख से ज्यादा पैसा जमा करवाता है तो उसकी भी जानकारी आयकर विभाग को देनी होगी. चालू खाते में अगर 12.50 लाख रुपए से ज्यादा रकम जमा की जाती है तो उसकी भी सूचना आयकर विभाग के साथ शेयर करनी होगी. बैंकों और डाकघरों को इस तरह की जानकारी 31 जनवरी 2017 तक आयकर विभाग को देनी होगी. इससे पहले आयकर विभाग को इस तरह की जानकारी तब शेयर करनी होती थी जब एक खाते में 10 लाख से ज्यादा की रकम एक वित्त वर्ष में जमा होती थी. 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.