NIA के हाथ लगा टेरर फंडिंग से जुड़ा सबूत

Saiyyad ali shah gilaniएनआईए ने रविवार को जम्मू में एक वकील देवेंद्र सिंह बहल के घर छापा मारा। इस दौरान एनआइए को अलगवावदियों से जुड़े कुछ आपत्तिजनक दस्तावेजों के अलावा चार मोबाइल फोन मिले। इन सब में टीम को गिलानी के हस्ताक्षर वाला प्रोटेस्ट कैंलेडर भी मिला था जिसमें यह बताया गया था कि घाटी में किस दिन कौन सा प्रदर्शन करना है।

एक टीवी चैनल के मुताबिक देवेंद्र सिंह बहल का पाक उच्चायोग में रोजाना का आना-जाना था। देवेंद्र के घर अक्सर सैयद अली शाह गिलानी, नईम खान व शब्बीर शाह आया करते थे। आतंकी फंडिंग के लिए यहां पर बैठकें भी होती थीं। एनआइए ने अब तक आतंकी फंडिंग में सात अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किया है। गिलानी के करीबी सहयोगी बहल उनके अलगाववादी संगठनों के समूह के लीगल विंग के सदस्य भी हैं। बताया जाता है कि आतंकी फंडिंग मामले में देवेंद्र सिंह कश्मीर घाटी में मारे गए आतंकियों की शवयात्रा में भी हिस्सा लेता रहा है।

देवेंद्र सिंह पेशे से वकील है, लेकिन प्रेक्टिस नहीं करता है। इस समय वह जम्मू एंड कश्मीर सोशल पीस फोरम चला रहा है। यह फोरम कश्मीर में मानवाधिकार मामलों को उठाता रहा है। इस संस्था का मुखिया हुर्रियत का अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी है। यह संस्था हुर्रियत के कानूनी मामलों को भी देखती है।

एनआइए के मुख्य प्रवक्ता आइजी आलोक मित्तल का कहना है कि देवेंद्र सिंह के घर से बरामद चार मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनके आधार पर उसका अलगाववादियों से संबंध जोड़ा जा रहा है। इससे पहले एनआइए ने गिलानी के बड़े बेटे नईम को शनिवार को मुख्यालय तलब किया था। हालांकि इसी दौरान नईम ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद श्रीनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पेशे से सर्जन नईम पाकिस्तान में 11 वर्ष बिताने के बाद 2010 में भारत लौटा है। उसे ही गिलानी का असली उत्तराधिकारी माना जा रहा है। उधर, रविवार को गिलानी की ओर से बुलाई प्रेस वार्ता को भी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने नहीं होने दिया। इससे पहले शनिवार को मीरवाइज की प्रेस कांफ्रेंस पर भी रोक लगा दी गई थी

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