आदिवासी युवाओं ने खुद की घर बनाने के लिए बनाया कंस्‍ट्रक्‍शन टीम

muttil tribal welfare societyकेरल के कोझिकोड में घर बनाने के नाम पर कई बिल्‍डर पूरा पैसे लेकर आधा काम करके छोड़ देते थे। इससे परेशान होकर कोझिकोड में आदिवासी युवाओं ने बेनामी कॉन्‍ट्रैक्‍टर्स से ठगे जाने पर मुटिटल ट्राइबल वेलफेयर सोसायटी के नाम से अपनी खुद की एक कंस्‍ट्रक्‍शन सोसायटी बनाई है। इस सोसायटी में 50 युवा आदिवासी है। ये सभी युवा बयनाड इलाके में चल रहे हाउसिंग प्रॉजेक्‍टस को नई दिशा दे रहे हैं।

इन युवाओं के आगे आने से लोगों के घर आसानी से बन रहे हैं और इनके पास कई ऑर्डर भी आ रहे हैं। सरकारी और पंचायती कामों के लिए भी इन्‍हीं युवाओं की मदद ली जा रही है। इस सोसायटी ने अब तक 49 घर बनाए हैं और 150 से ज्‍यादा कंस्‍ट्रक्‍शन साइटस पर काम चल रहा है। वयनाड जिला प्रशासन ने भी इस ग्रुप से लाइफ प्रॉजेक्‍ट के तहत बेनामी कॉन्‍ट्रैक्‍टर्स द्वारा अधूरे छोड़े गए 50 से ज्‍यादा आदिवासी घरों का काम पूरा करने को कहा है। मुटिटल ट्राइबल सोसायटी के काम को देखते हुए इसे ढेर सारे पशुपालन केन्‍द्र बनाने का काम दिया है। इस सोसायटी के लोग खुद ही पेंटिंग, बिजली, कारपेंट्री तथा अन्‍य सभी काम करते हैं।

बताया जा रहा है कि 2014 में इस सोसायटी की नींव जिला प्रशासन की ओर से रखी गई थी और इसका उद्देश्य ताकि अव्यवस्था से बचते हुए गरीबों और आदिवासियों के घर जल्दी से तैयार करके उन्हें दिए जा सकें। इस जिले में लगभग 6,000 अधूरे घर अभी भी पड़े हुए हैं। इस ग्रुप के अध्यक्ष सासी पन्निकुझी ने कहा, ‘हम जानते हैं कि एक आदिवासी परिवार के सिर पर छत होना कितना जरूरी है। हमारी सोसायटी में भी कई ऐसे लोग हैं जो बेनामी कॉन्ट्रैक्टर्स का शिकार बने हैं।’

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