मनोज बाजपेयी और सयामी खेर की जुगलबंदी

स्माइल फिल्म फेस्टिवल फाॅर चाइल्ड एंड यूथ : मनोज बाजपेयी और सयामी खेर की जुगलबंदी 

function1स्माइल फिल्म फेस्टिवल फाॅर चाइल्ड एंड यूथ, यानी सिफ्फसी बच्चों और युवाओं के लिए एक ऐसा सिनेमाई प्लेटफाॅर्म है, जो उन्हें न केवल अच्छे सिनेमा से रूबरू कराता है, बल्कि उन्हें समाज के हित में कुछ खास एवं नया करने के लिए प्रेरित भी करता है।

इसके बहाने उन्हें देश के ख्यातिप्राप्त फिल्मकारों से मिलकर बहुत कुछ सीखने का मौका तो मिलता ही है, प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से बेहतरीन सिनेमा का हिस्सा बनने का सौभाग्य भी मिलता है। राजधानी दिल्ली में इसी फिल्म फेस्टिवल के दूसरे सीजन का उद्घाटन प्रख्यात अभिनेता मनोज बाजपेयी और राकेश रोशन की फिल्म ‘मिर्जिया’ फेम अभिनेत्री सयामी खेर से संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर मनोज बाजपेयी, जिनकी फिल्म ‘बुधिया सिंह: बाॅर्न टू रन’ का फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर किया गया, ने कहा कि उनके लिए किसी फिल्म का बाॅक्स आॅफिस कलेक्शन बहुत ज्यादा मायने नहीं रखता है। अगर कुछ महत्व रखता है, तो वह किरदार, जिससे वह खुद को गहरे तक रिलेट कर पाते हैं। लेकिन, इसके बावजूद आज इंडस्ट्री में किसी कलाकार का कद उसकी प्रतिभा या उसके द्वारा निभाए गए किरदारों की ऊंचाई से नहीं, बल्कि इस चीज से मापा जाता है कि उसकी अंतिम फिल्म ने कितनी कमाई की है। मनोज बाजपेयी ने बताया कि उनकी फिल्म ‘अलीगढ़’ का प्रदर्शन पेरिस में भी हुआ, जहां इसे काफी पसंद किया गया।

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वहां के अमूमन सभी थियेटर इस फिल्म के प्रदर्शन के दौरान हाउसफुल थे, क्योंकि वहां के दर्शकों को अच्छी तरह पता होता है कि उन्हें क्या देखना चाहिए, क्या देखना है और क्या नहीं देखना चाहिए और क्या नहीं देखना है।

उल्लेखनीय है कि स्माइल फिल्म फेस्टिवल फाॅर चाइल्ड एंड यूथ की शुरुआत एलन गस्पाॅनर निर्देशित फिल्म ‘हैदी’ से हुई, जिसके बाद जयराज निर्देशित फिल्म ‘दि ट्रैप: ओट्टल’ का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही पहले दिन ‘देव डी’, ‘चके दे इंडिया’, ‘आजा नचले’ जैसी कई फिल्मों के आर्ट डिजाइनर सुकांत पाणिग्रही के संचालन में स्पेशल आर्ट डिजाइन वर्कशाॅप का आयोजन भी किया गया।

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फिल्म फेस्टिवल में शिरकत करने पहुंचीं ‘मिर्जिया’ फेम अभिनेत्री सयामी खेर ने इस अवसर पर कहा कि इस वर्कशाॅप में हमने खास तौर पर नोटिस किया कि इस कार्यशाला में शामिल बच्चे चीजों को बहुत तेजी से ग्रहण कर रहे थे। वे प्रर्शित की जा रही चीजों को न केवल गंभीरता से देख रहे थे, बल्कि उनमें शामिल अच्छी चीजों को आत्मसात भी कर रहे थे। कहा जा सकता है कि बच्चे एक ही साथ मनोरंजन एवं ज्ञानार्जन, दोनों कर रहे थे।

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इस मौके पर स्माइल फिल्म फेस्टिवल फाॅर चाइल्ड एंड यूथ के निदेशक जितंद्र मिश्रा ने कहा कि इस फिल्मोत्सव में हम येलो कारपेट इंट्रोड्यूस कर रहे हैं, जिसके तहत हम भारत में बनी कुछ ऐसी बड़ी फिल्में प्रदर्शित कर रहे हैं, जो भारत में भले ही बहुत ज्यादा लोकप्रिय नहीं हो सकीं, लेकिन विश्व स्तर पर उन फिल्मों को भरपूर सराहना मिली। बच्चों एवं युवाओं को ऐसी फिल्में जरूर देखनी चाहिए, क्योंकि इनके बहाने उन्हें बहुत कुछ नई चीजें सीखने को मिलेंगी।

उल्लेखनीय है कि एमार इवेंट्स एवं बुक ए स्माइल (बुकमाईशो.काॅम) के सहयोग से एक सप्ताह तक, यानी 5 से 11 दिसंबर तक दिल्ली के सीरीफोर्ट आॅडिटोरियम में आयोजित स्माइल फिल्म फेस्टिवल फाॅर चाइल्ड एंड यूथ के इस दूसरे सीजन में पचास देशों की कुल सौ फिल्मों का प्रदर्शन तो किया ही जाएगा, बल्कि इस दौरान फिल्म निर्माण, फोटोग्राफी के साथ ही कई मनोरंजक कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा।

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