मलेशियाई विमान MH-370 नियंत्रण के बाहर था हादसे के वक्त

malaysiaएमएच 370 (मलेशियन एयरक्राफ्ट) के क्रैश होने पर रहस्य अभी भी बरकरार है। इस मामले में कुछ और जानकारियां सामने आई हैं, जिससे पूरी कहानी सुलझने की जगह और उलझ गयी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक जिस वक्त एमएच 370 का हादसा हुआ उस वक्त उड़ान पर किसी का नियंत्रण नहीं था।

ऑस्ट्रेलियन ट्रांसपोर्ट सेफ्टी ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार विमान का ईंधन बीच रास्ते में ही खत्म हो चुका था।ईंधन न होने की वजह से एमएच 370 हिंद महासागर में गिर गया। कुछ महीनों पहले कुछ विशेषज्ञों का मानना था कि जिस वक्त विमान हादसे का शिकार हुआ उस समय एयरक्राफ्ट को कोई शख्स नियंत्रित कर रहा था। लेकिन जानकारों का कहना है कि जिस तरह से हादसा हुआ था, उससे साफ है कि विमान अनियंत्रित हो चुका था।

ताजा जानकारी के मुताबिक सैटेलाइट भी इस थ्योरी को पुख्ता करते हैं कि विमान बहुत तेजी से नीचे आ रहा था। यही नहीं तंजानिया के पास से बरामद विंग फ्लैप से ये जानकारी मिलती है कि जिस वक्त विमान दो हिस्सों में बंटा उससे पहले विंग फ्लैप का इस्तेमाल नहीं किया गया था। अगर कोई विमान इस तरह से हादसे का शिकार होता है तो पायलट विंग फ्लैप का इस्तेमाल करता है।

सेफ्टी ब्यूरो के निदेशक पीटर फोले ने कहा कि अगर विंग फ्लैप का इस्तेमाल हुआ होता तो ये कहा जा सकता था कि एमएच 370 को नियंत्रित तरीके से पानी में उतारने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि किसी भी हादसे की वजह के बारे में शत प्रतिशत बता पाना मुश्किल होता है। एमएच 370 के बारे में भी यही कहा जा सकता है।

गौरतलब है कि 8 मार्च 2014 में कुआलालमपुर से बीजिंग की उड़ान पर मलेशियन एयरलाइंस का विमान एमएच 370 बीच रास्ते में ही गायब हो गया था। विमान में 239 यात्री सवार थे।

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