लखनऊ में मेट्रो का ट्रायल एक दिसंबर को, मुख्यमंत्री दिखाएंगे हरी झंडी

Lucknow Metroपांच घंटे के प्री ट्रायल में मेट्रो पास हो गयी है। अब मेट्रो के चार कोच कल यानि एक दिसंबर को होने वाले ट्रायल रन के लिए तैयार हैं. करीब छह किमी. के छह स्टेशनों से मेट्रो के चार कोचों को ट्रायल रन के दौरान गुजारा जाएगा. हर स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के साथ ही सभी विभागों के कर्मियों को तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं. गुरुवार को होने वाला ट्रायल ट्रांसपोर्ट नगर से मवइया के बीच संभावित है.

सूत्रों के मुताबिक सोमवार रात 11 बजे प्री ट्रायल के दौरान ओवर हेड इलेक्टिक वायर (ओएचई) में तकनीकी गड़बड़ी के कारण मेट्रो ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशन पर कुछ देर के लिए खड़ी रही. मेट्रो को डिपो से सिंगारनगर स्टेशन तक पहुंचने में ढाई घंटे लगे. प्री ट्रायल के बाद मंगलवार सुबह 4 बजे मेट्रो को फिर से डिपो के इंस्पेक्शन बे में खड़ा कर दिया गया.

लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एलएमआरसी) के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बताया कि मेट्रो ट्रायल के लिए पूरी तरह से तैयार है. सभी प्रकार के क्लीयरेंस लेकर कमियां दूर कर ली गई हैं. उन्होंने बताया कि प्री ट्रायल के दौरान एक एक कोच की मानीटरिंग की गई है. कोच में लगी मोटर व सभी उपकरण जांच लिए गए हैं. कोच के सारे फंक्शन काम कर रहे हैं. उनके मुताबिक 26 व 27 नवंबर को डिपो में बनाए गए 635 मी लंबे स्पीड ट्रैक पर भी मेट्रो का ट्रायल किया गया था.

एक दिसंबर को ट्रायल रन में लखनऊ मेट्रो ने उन लोगों को भी आमंत्रण दिया है, जिनकी मेट्रो स्टेशनों में जमीनें गई हैं. ऐसे करीब 55 लोगों को बुलाया गया है. अधिकारियों के मुताबिक यह वही लोग हैं, जिनकी जमीन मेट्रो कार्य के लिए ली गई हैं. इसके अलावा कर्मचारियों के माता-पिता को भी आमंत्रण पत्र भेजा जा रहा है. करीब एक हजार से अधिक लोगों को बुलाया गया है.

ट्रायल रन के दौरान मेट्रो की गति बहुत ही धीमी रखी जाएगी. डिपो से रैंप होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर, कृष्णा नगर, सिंगार नगर, आलमबाग, आलमबाग बस अड्डे और मवइया तक ले जाने की योजना है. इस छह किमी ट्रैक पर मेट्रो की गति पांच से दस किमी. प्रति घंटे की ही रहेगी. एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बताया कि स्पीड हर रोज धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.