लियो वरडकर होंगे आयरलैंड के अगले प्रधानमत्री, क्‍या है भारत से नाता

leo varadkarभारतीय मूल के डॉ. लियो वरडकर ने आयरलैंड के प्रधानमंत्री होंगे। प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचकर वह एक नया इतिहास रच रहे हैं। डॉ. लियो ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि वह ‘गे’ हैं और अपने एक अन्य डॉ. सहयोगी के साथ संबंध में हैं। सिर्फ 38 साल की उम्र में वे आयरलैंड के प्रधानमंत्री की कुर्सी पर विराजमान होंगे। डॉ. लियो वरडकर का भारत से गहना नाता है और जब भी उन्हें मौका मिलता है वह यहां पहुंच जाते हैं। उनकी कजन शुबधा वरडकर एक ओडिशी डांसर हैं।

लियो वरडकर का जन्म 18 जनवरी 1979 को डबलिन में हुआ था। उन्होंने डबलिन के ही ट्रिनिटी कॉलेज से मेडिसन की पढ़ाई की और नेता बनने से पहले वह मैडिकल प्रैक्टिस कर रहे थे। उन्होंने 2010 से पहले कई सालों तक जूनियर डॉक्टर के तौर पर काम किया और इसके बाद उन्होंने जनरल प्रैक्टिस शुरू की। लियो वरडकर के पिता अशोक वरडकर का जन्म मुंबई में हुआ था और वे 1960 के दशक में इंग्लैंड चले गए थे। यहां उन्होंने आयरलैंड की नर्स मिरियम से शादी कर ली थी। लियो अपने माता-पिता अशोक और मिरियम की सबसे छोटी संतान हैं।

2007 में मुख्य रूप से राजनीति से जुड़ने वाले वरडकर आयरलैंड के स्वास्थ्य और खेल मंत्री भी रह चुके हैं। वरडकर 2016-17 में मिनिस्टर ऑफ सोशल प्रोटेक्शन रहे। 2014-16 तक उन्होंने देश के स्वास्थ्य मंत्री का जिम्मा संभाला और 2011-14 तक वरडकर परिवहन, पर्यटन और खेल मंत्री रहे। खेल मंत्री रहते हुए आयरलैंड की क्रिकेट टीम के साथ मुंबई (भारत) आए थे वरडकर।

पेशे से डॉक्टर लियो वरडकर एक अन्य डॉक्टर मैथ्यू बैरट के साथ रिलेशनशिप में हैं। लियो के प्रधानमंत्री बनने के बाद आयरलैंड चौथा ऐसा देश होगा, जिसका राष्ट्राध्यक्ष ‘गे’ होगा। अन्य तीन देश बेल्जियम, आइसलैंड और लक्जमबर्ग हैं, जिनके राष्ट्राध्यक्ष ‘गे’ हैं। इस मामले पर उनकी बहन (कजन) लियो को बोल्ड और ईमानदार बताती हैं। कजन सुबधा वरडकर ने कहा कि आयरिश मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में लियो ने खुद ही बताया कि वह एक ‘गे’ हैं। बता दें कि आयरलैंड में ‘गे’ शादियों को कानूनी मान्यता मिली हुई है।

लियो वरडकर का भारत से गहरा नाता है और जब भी उन्हें मौका मिलता है वह यहां पहुंच जाते हैं। उनकी कजन सुबधा वरडकर एक ओडिशी डांसर हैं। सुबधा के अनुसार उनका परिवार भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा हुआ था। लेकिन आजादी के बाद 1960 के दशक में लियो के पिता डॉ. अशोक वरडकर मुंबई से आयरलैंड जा बसे। वह बताती हैं कि जब भी लियो व अन्य सदस्य आयरलैंड से मुंबई आते हैं उनके घर में 60 सदस्य हो जाते हैं। वह यहां आकर अपने पुश्तैरनी गांव भी जाते हैं।

पार्टी द्वारा नेता चुने जाने के बाद शुक्रवार को डॉ. लियो वरडकर ने इसे अपने लिए ‘सम्मान’ बताया। उन्होंने कहा विनम्रता के साथ में इस ‘विशाल चुनौती’ को स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा, ‘मेरे चुने जाने का मतलब यही है कि लोकतंत्र में पक्षपात व पूर्वाग्रह की कोई जगह नहीं है।’ इस मौके पर भावुक हुए लियो ने कहा, ‘जब मेरे पिता ने 5000 मील की दूरी तय करके आयरलैंड को अपना नया घर चुना था, मुझे नहीं लगता कि उन्होंने कभी सपने में भी सोचा होगा कि एक दिन उनका बेटा देश का नेता बनेगा।’

लियो वरडकर की कजन सुबधा प्रार्थना करती हैं कि उनका भाई अगली बार जब मुंबई आएं तो आयरलैंड के प्रधानमंत्री के तौर पर आए। बता दें कि 38 वर्षीय वरडकर को वहां की सत्तारूढ़ पार्टी ‘फाइन गोएल’ ने अपना नेता चुना है। लियो के परिवार के सदस्य जो अब भी उनके पैतृक गांव या मुंबई में रहते हैं, उन्होंने जश्न की तैयारी कर ली है। लियो के प्रधानमंत्री बनते ही वे सब इस क्षण को उत्सव की तरह मनाएंगे।

लियो की कजन सुबधा का कहना है, ‘अगर लियो जीतते हैं तो वह आयरलैंड के सख्त गर्भपात कानून को लेकर जनमत संग्रह करवाएंगे, जिसके मुताबिक बलात्कार या मां की जान को खतरा होने पर भी गर्भपात पर प्रतिबंध है।’

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