कश्मीर में कासो से आतंकियों पर लगाई जाएगी लगाम

kashmirकश्मीर में लगातार हो रहे हमलो से सेना  परेशान है. सेना ने आतंकवादियों के खिलाफ अपने अभियान में एक स्थायी विशेषता के तौर पर कासो को फिर से  शुरू करने का फैसला किया है. कासो का मतलब ‘घेरा डालना और तलाशी अभियान’  है. यह अभियान 15 साल के बाद फिर से इस उपयोग में लाई जायेगा. बता दें की 15 साल पहले इस कार्य प्रणाली का इस्तेमाल छोड़ दिया गया था.

सूत्रों के मुताबिक कासो का उपयोग कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित कुलगाम, पुलवामा, तराल, बडगाम और शोपियां में बड़े पैमाने पर किया जाएगा. कासो 15 साल के अंतराल के बाद आतंक रोधी अभियानों के तहत एक स्थायी विशेषता होगी.

सशस्त्र बलों ने पिछले हफ्ते दक्षिण कश्मीर में 4000 सैनिकों के सहारे एक बड़ा अभियान चलाया था. जिससे रणनीति में बदलाव का संकेत मिलता है. भारत के दो सुरक्षाकर्मियों का सिर काटे जाने के बाद सेना पाकिस्तानी गोलीबारी का भी मुंहतोड़ जवाब दे रही है. सूत्रों ने बताया, पाकिस्तान की ओर पिछले तीन महीने में आठ लोग मारे गए जबकि 17 अन्य घायल हुए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.