जयललिता को देने अंतिम श्रद्धांजलि PM मोदी पहुचे चेन्नई

jayalalithashrad74 दिन तक अस्पताल में रहने के बाद तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता का चेन्नई में निधन हो गया। सोमवार रात 11:30 बजे जयललिता ने आखिरी सांस ली। जयललिता के निधन की खबर मिलते ही उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। जयललिता के पार्थिव शरीर को चेन्नई के राजाजी हॉल में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। शाम 4.30 बजे मरीना बीच पर उनका अंतिम संस्कार होगा। अपने करिश्माई नेता की आखिरी झलक पाने के लिए हजारों की तादाद में लोग उमड़ पड़े हैं। 

# पीएम नरेंद्र मोदी का काफिला राजाजी हॉल पहुंचा। पीएम मोदी ने शशिकला के सिर पर हाथ रखा, हाथ जोड़कर जयललिता को श्रद्धांजलि दी। जयललिता को श्रद्धांजलि देने के बाद पीएम मोदी वहां से रवाना हुए।

# तकनीकी दिक्कतों के चलते राष्ट्रपति को चेन्नई ले जा रहा इंडियन एयरफोर्स का विमान रास्ते से लौटा।  अब वह दोबारा विमान से चेन्नई रवाना हो रहे हैं।

# पीएम नरेंद्र मोदी भी जयललिता को श्रद्धांजलि देने चेन्नई पहुंचे। राजाजी हॉल में रखा गया है जयललिता का पार्थिव शरीर। कई और नेताओं के भी आने का कार्यक्रम।

# सुपरस्टार रजनीकांत ने भी राजाजी हॉल पहुंचकर जयललिता को दी श्रद्धांजलि।

#  संसद में जयललिता को श्रद्धांजलि देने के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही उनके सम्मान में दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। दोनों ही सदनों में सदस्यों ने कुल पल मौन रखकर जयललिता को श्रद्धांजलि दी। उसके बाद उनके सम्मान में बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। लोकसभा में सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जयललिता के निधन की जानकारी दी। अध्यक्ष ने कहा कि सेल्वी जे जयललिता का निधन कल पांच दिसंबर 2016 को चेन्नई में 68 वर्ष की आयु में हो गया। जयललिता छह बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं और तमिलनाडु विधानसभा की सात बार विधायक रहीं। वह तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष की पहली महिला नेता थीं।

# सुमित्रा महाजन ने कहा– उन्होंने तमिलनाडु के लिए बहुत काम किया है। उन्होंने वहां की महिलाओँ के लिए बहुत काम किया है। वो एक ऐसी नेता रही हैं जो लोगों के दिलों में रही हैं ऐसा नेता मिलना दुर्लभ है। मैं उनको अपनी तरह से श्रद्धांजलि देती हूं।

# चेन्नई- एमजीआर मेमोरियल मरीना बीच पर जयललिता के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। सुरक्षा के भारी बंदोबस्त।

शरीर को आज सुबह उनके आवास पोएस गार्डन से राजाजी हॉल ले जाया गया, जहां हजारों समर्थक अपनी ‘पुराची थलैवी अम्मा’ (क्रांतिकारी नेता अम्मा) को अंतिम विदाई देने के लिए कतार में खड़े हैं। जयललिता का पार्थिव शरीर उनकी पसंदीदा हरे रंग की साड़ी में लिपटा हुआ है। छह बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं जयललिता का पार्थिव शरीर शीशे के बक्से में रखा गया है। यह बक्सा राजाजी हॉल की सीढ़ियों पर रखा गया है और सेना के चार जवानों ने उसे राष्ट्रीय ध्वज से ढक दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम और उनके सहयोगी मंत्रिमंडलीय सहयोगियों, सांसदों, विधायकों और राज्य के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने दिवंगत मुख्यमंत्री को सबसे पहले श्रद्धांजलि दी। #जयललिता के निधन पर तमिलनाडु में 7 दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। वहीं केंद्र सरकार ने भी 1 दन का शोक घोषित किया है। उत्तराखंड, कर्नाटक और बिहार सरकार ने भी एक दिन का शोक घोषित किया है। पीएम समेत तमाम दलों के नेता ने जयललिता के निधन को भारतीय राजनीति की अपूरणीय क्षति बताया। # तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता के निधन के बाद चेन्नई में जनजीवन की रफ्तार धीमी है। सुबह से शहर की सड़कें वीरान रहीं और भोजनालयों सहित दुकानें भी बंद रहीं। ऑटोरिक्शा सहित सार्वजनिक परिवहन सेवा सड़कों से नदारद रहीं, जबकि कुछ निजी वाहनों को शहर के विभिन्न हिस्सों में चलते देखा गया। पुलिसकर्मी महत्वपूर्ण स्थलों पर कड़ी निगरानी बरत रहे हैं। बीती शाम से शहर में और राज्य के अन्य कई हिस्सों में करीब करीब पूर्णत: बंद जैसी स्थिति है। शहर में हर सुबह आमतौर पर यहां चाय की दुकानों पर गहमागहमी बनी रहती है और बेहतर कारोबार होता है। आज चाय की दुकानें भी बंद हैं। कुछ जगहों पर चाय बेचने वालों को घूम घूमकर चाय बेचते देखा गया। होटल भी बंद रहे।

जयललिता को श्रद्धांजलि देने चेन्नई पहुंचेंगे। वह दोपहर 12 बजे जयललिता को श्रद्धांजलि देंगे।  इसके अलावा दूसरे दलों के नेता भी चेन्नई पहुंचेंगे। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी चेन्नई पहुंचेंगे। बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री वेंंकैया नायडू पहले से ही चेन्नई में हैं। 22 सितंबर से थीं भर्ती — बता दें कि 22 सितंबर को बुखार और डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 4 दिसंबर को दिल का दौरा पड़ने के बाद से उनकी सेहत लगातार बिगड़ती गई और आखिरकार वो जिंदगी से जंग हार गईं।

2 दिन पहले जयललिता को दिल का दौरा पड़ने के बाद से हजारों समर्थक अपोलो अस्पताल के बाहर खड़े थे। क्या महिलाएं, क्या बुजुर्ग सभी भगवान से दुआ कर रहे थे कि अम्मा हमेशा की तरह हाथ जोड़े और मुस्कराते हुए अस्पताल से बाहर निकलें, लेकिन शायद होनी को ये मंजूर नहीं था। अम्मा के निधन की खबर मिलते ही अस्पताल के बाहर नेताओं सहित हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोग नम आंखों से अम्मा की आखिरी झलक पाने चाहते थे, जिसके चलते अस्पताल से बाहर निकलती हर गाड़ी के अंदर झांकने की कोशिश भी कर रहे थे। इस दौरान मजबूरन सुरक्षाकर्मियों को भीड़ को काबू करने के लिए लाठियां भी भांजनी पड़ी। हर सियासी दल अम्मा जैसे करिश्माई नेता को खोने के दुख से अछूता नहीं दिखा। भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जयललिता के निधन पर दुख जताते हुए ट्वीट किया। जयललिता के निधन पर हार्दिक संवेदनाएं,  वो भारत की लोकप्रिय नेताओं में से एक थीं।

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