जीवन की बारिकियों को समझना है जरूरी: अनामिका

Anamika Yaduvanshiनई दिल्ली। वर्तमान में लोग भागमभाग जिंदगी जी रहे हैं। इस भागदौड में जहां रिश्ते छीज रहे हैं, वहीं लोग कई तरह की बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि जीवन की बारिकियों को समझा जाए। लाइफ एक्सपर्ट ओर मोटिवेटर अनामिका यदुवंशी का कहना है कि जीवन में जटिलताएं निरंतर बढ़ती जा रही हैं। इसके अलावा पहले की अपेक्षा विकल्प बढ़ने से लोगों को असमंजस की स्थिति का पहले से ज्यादा सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में लोगों की दिनचर्या तो प्रभावित हो ही रही है, इसका प्रतिकूल प्रभाव उनके भविष्य पर पड़ रहा है। इसके अलावा भी कई ऐसी परेशानियां हैं, जो अंदर ही अंदर लोगों को खाए जा रही है और उनका जिक्र लोग घर में या अभिभावकों से नहीं करना चाहते। ऐसे में किसी ऐसे एक्सपर्ट की जरूरत महसूस की जाती है, जो न सिर्फ इन समस्याओं से मुक्ति दिला सके, बल्कि आगे की राह भी दिखा सके। काउंसलर उनकी जरूरत को काफी हद तक पूरा करने की क्षमता रखते हैं।यह पूरी विधा काउंसलिंग कहलाती है।
बिजनेस पार्टनरशिप से लोगों को ढेर सारी उम्मीदें होती हैं। कई बार पार्टनर की सक्रियता की वजह से ये उम्मीदें पूरी होती दिखतीं हैं, तो वहीं एक स्थिति ऐसी भी आती है जब एग्रीमेंट टूटने के चलते पूरा बिजनेस सेटअप ही धराशायी हो जाता है। प्राथमिकताएं बदल जाना- रिलेशनशिप काउंसलर अनामिका यदुवंशी का मानना है कि पार्टनरशिप के दौरान एक समय ऐसा आता है, जब लोगों की प्राथमिकताएं बदलने लगती हैं तो उन्हें लगने लगता है कि काम की बारीकी समझ में आ गई है तो अपना खुद का बिजनेस शुरू कर लें या कोई और काम कर लें।  कंपनी चाहे फायदे में रहे या घाटे में, यदि पार्टनरशिप के बीच तालमेल की कमी है तो यह अविश्वास को जन्म देता है। अविश्वास पनपने से रिश्ता ज्यादा दिन तक नहीं चल सकता। कई बार लगातार रुखे मन से काम करने या दूसरे लोगों के भड़काने से पार्टनरशिप में दरार पड़नी शुरू हो जाती है।
अस्तित्व मुझसे मेरी पहचान एनजीओ मुख्य रूप से महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास पर केंद्रित हैं। अनामिका सिर्फ एनजीओ की फाउंडर प्रेजिडेंट ही नहीं, बल्कि एक लाइफ कोच, टैरो रीडर और एक मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं। अनामिका को जीवन में व्यक्तिगत रूप से कई तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ा, जिसके कारण वे बहुत ज्यादा आध्‍यात्मिक हो गई। फिर उन्होंने आध्‍यात्मिक ज्ञान का प्रसार शुरू कर दिया। एनजीओ अस्तित्व मुझसे मेरी पहचान की शुरूआत की, ताकि वे गरीबों की मदद कर सकें।  सबसे बड़ी चुनौती अस्तित्व को स्थापित करने की थी, क्‍योंकि मेरे जैसे विचार वाले लोगों और वित्तीय की कमी थी। सारी बचत अस्तित्‍व में लगा दी। एनजीओ में हर दिन आपके सामने नई चुनौती होती है। अनामिका का उद्देश्य सच्‍ची खुशी और जीवन का सार खोजने में दूसरों की मदद करना है। उनका विश्‍वास है कि हम वहीं हैं, जो सोचते और करते हैं। वे चाहती हैं कि हर इंसान की मदद करें ताकि कोई दुखी न हो। इस एनजीओ से उन्हें रुपये नहीं कमाने हैं बल्कि लोगों को खुशी देनी है। अनामिका मानती हैं कि उनके जीवन की उपलब्धि उनका परिवार ही है, जो हर काम में सहायक है। और उनकी दुनिया के लिए उनका प्यार है।

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