हिलेरी और ट्रम्प में कांटे की टक्कर : अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव

HILERIVSCLOअमेरिका में इस बार ट्रंप कार्ड चल गया है। डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति बनने से सिर्फ 26 सीट दूर हैं। इस तरह हिलेरी क्लिंटन को बड़ा झटका लगने की तस्वीर लगभग साफ होती नजर आ रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने 238 सीटों के साथ बढ़त बना ली है, जबकि हिलेरी क्लिंटन ने 209 सीटों पर बढ़त बनाई है। बहुमत के लिए 270 सीटों के जादूई आंकड़े को हासिल करना होगा।

अमेरिका के इतिहास में 2016 के राष्ट्रपति चुनाव को जब भी याद किया जाएगा तो इसे मुद्दों से हटकर शख्सियतों के टकराव के तौर पर देखा जाएगा। एक तरफ हिलेरी क्लिंटन हैं जिनके पास कामकाज का तजुर्बा है तो दूसरी तरफ हैं दिग्गज बिजनेस मैन डॉनल्ड ट्रंप जिनके पास प्रशासन का कोई अनुभव नहीं है। जमीन पर अब तक जो टक्कर हुई हैं उसमें भी निजी आरोप और छींटाकशी ज्यादा है। बावजूद इसके जानना जरूरी है कि आखिर किन मुद्दों पर लड़ी जा रही है ये जंग।

डॉनल्ड ट्रंप का दावा है कि अगले 10 साल में वो करीब 2.5 करोड़ अमेरिकियों को रोजगार देंगे। इसके लिए वो कॉरपोरेट टैक्स 35 फीसदी से घटाकर सीधे 15 फीसदी कर देंगे। ऐसा होने पर इंफ्रा, मैन्युफैक्चरिंग में निवेश बढ़ेगा और नौकरियां आएंगी। वहीं हिलेरी क्लिंटन टेक्नोलजी में सुधार, रिन्यूबल एनर्जी पर जोर और छोटे बिजनेस को प्रमोट करने का वादा करती हैं।

मिडल क्लास की जरूरतों को पूरा करने के लिए हिलेरी क्लिंटन अमीरों पर टैक्स लगाना चाहती हैं। वो 50 लाख डॉलर से ज्यादा कमाने वालों पर 4 फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगाएंगी। वहीं डॉनल्ड ट्रंप टैक्स की मार कम करने का वादा करते हैं। वो इनकम टैक्स रेट 7 से घटाकर 3 फीसदी पर लाने की बात कहते हैं। लेकिन ऐसा हुआ तो अमेरिकी खजाने को अगले 10 साल में 5.9 ट्रिलियन डॉलर का बोझ उठाना पड़ेगा।

ट्रंप ने मेक्सिको और दूसरे देशों से आने वाले विदेशियों को रोकने के लिए दीवार बनाने की बात कही है। मुसलमानों की एंट्री पर बैन लगाने जैसे विवादास्पद बयान भी वो दे चुके हैं। वो ओबामा के एक्जिक्यूटिव ऑर्डर को बदलना चाहते हैं। हिलेरी कह चुकी हैं वो किसी दीवार के पक्ष में नहीं हैं। वो दुनिया भर से बेस्ट टैलेंट का अमेरिका में स्वागत करती हैं।

इराक में युद्ध को हिलेरी ने सपोर्ट किया हिलेरी ने सीरिया में असद की सरकार के खिलाफ विद्रोहियों को हथियार देने की वकालत की। हिलेरी आईएसआईएस और आतंकवाद के खिलाफ जंग को अफगानिस्तान तक बढ़ाना चाहती हैं। वो रूस की मिलिट्री ताकत को रोकना चाहती हैं। ट्रंप के तेवर काफी आक्रामक हैं। आईएसआईएस के खिलाफ जंग के पक्ष में हैं।

हिलेरी क्लिंटन एबॉर्शन पर किसी भी तरह की पाबंदी के खिलाफ हैं। लेकिन ट्रंप ने अपने इलेक्शन कैंपेन की शुरुआत में ही एबॉर्शन को गैरकानूनी बनाने की बात कही। हालांकि बाद में महिलाओं के विरोध को देखते हुए उन्होंने बयान को वापस लिया पर महिलाओं के मन से डॉनल्ड को लेकर डर हटा नहीं है।

हिलेरी क्लिंटन जलवायु परिवर्तन को अमेरिका के लिए एक बड़ा खतरा मानती हैं वो पेरिस में हुए पर्यावरण समझौते के समर्थन में हैं लेकिन ट्रंप इसे बकवास मानते हैं। ट्रंप कह चुके हैं अगर वो राष्ट्रपति बने तो पेरिस समझौते को रद्द कर देंगे।

टीमलीज के चेयरमैन मनीष सभरवाल ने कहा है कि वैश्विकरण और अमेरिका में नौकरियों के लिए ट्रंप का आना भारत के लिए खतरनाक होगा और हिलेरी के जीतने में ही भलाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.