हेल्थकेयर में क्रांति लाई ऑनलाइन फार्मेसी

prescriptionभारत में 167.2 मिलियन इंटरनेट के उपभोक्ता हैं जिसने ई-कॉमर्स को उभरने के लिए प्रेरित किया है और खरीददारी के तरीके में क्रांति लाई है| विभिन्न उत्पादों पर ई-कॉमर्स कंपनियों से भारी छूट सभी आयु वर्ग के उपभोक्ता को ऑनलाइन खरीददारी करने के लिए आकर्षित करती  हैं| सुविधा और आसान यूजर इंटरफेस भी ग्राहकों को ऑनलाइन खरीददारी करने के लिए आकर्षित करते है| किसी भी अन्य उत्पादों की तरह, उपभोक्ताओं को अब दवाइयों को ऑनलाइन खरीदने में  सुविधा की तलाश है।

हाल के अध्ययनों से निष्कर्ष निकाला गया है कि लगभग 36% लोगों को केमिस्ट्स से बिल प्राप्त नहीं होता है| 32% विश्वास करते हैं कि दवाएं अयोग्य फ़ार्मासिस्टों द्वारा वितरित की जाती हैं। 63% को चिकित्सकीय खुराक का उचित परामर्श  नहीं मिलता है।48% लोगों को सारी दवाईयाँ खरीदने के लिए कई दवा की दुकानो मे जाना पड़ता है | हालांकि 68% लोग खुद मेडिकल स्टोर जाते हैं,  वे सभी काउंटर की सुविधाओं से असंतुष्ट हैं|

दवाईयों की बढ़ती महंगाई भी एक चिंता का विषय है जो  दवा की ऑनलाइन खरीददारी को बढ़ावा दे रहा है| अधिकांश केमिस्ट ब्राडेड उत्पाद बेचते हैं जिनकी कीमत जेनेरिक दवाओं की अपेक्षा ज़्यादा होती है जो ग्राहकों के लिए दुखद है|हाल ही में सरकार के जेनेरिक दवा के प्रस्ताव ने ऑनलाइन फार्मेसी को बढ़ावा दिया है|

जेनेरिक दवाएं ब्रांडेड दवाइयों की जैव-प्रतिभा हैं, जिसका मतलब है कि उनके पास वही  फ़ार्माकोडायनेमिक प्रभाव  है जो उन्हें बीमारी के इलाज में समान रूप से प्रभावी बनाता है|मार्केटिंग, सप्लाई और रसद के खर्चे दवाइयों की लागत को बढ़ाते हैं जिनकी परिभाषित शैल्फ  लाइफ  होती है। इसके अलावा, दवाओं के ब्रांड वैल्यू से जेनेरिक दवाओं की आधार लागत में वृद्धि होती है, इस प्रकार फार्मास्युटिकल कंपनियों में दवाइयों की कीमत मे फ़र्क होता है|

जेनेरिक दवाइयों का ऑनलाइन उपलब्ध होने से आपूर्ति श्रृंखला में जटिलता समाप्त होती है, विज्ञापन लागत बचती है रोगी के दरवाजे पर उपलब्ध गुणवत्ता वाली दवाईयाँ उपलब्ध होती हैं| यहाँ पर फार्मईजी की जेनेरिक  दवाइयों की लागत कम करने एवं आम आदमी को आसानी से उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है|

दवाइयों की उच्च लागत हमेशा उपचार की तलाश में गरीबों के लिए एक निवारक रहा है, जिससे स्वास्थ्य समस्याओं में देरी हो सकती है और स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि हो सकती है। अतः सस्ती दवाईयाँ एवं उनके आसानी से उपलब्ध होना ही समस्या का समाधान है|उपभोक्ताओं के मुख्य दर्द बिंदु, जैसे उत्पादों की प्रामाणिकता, आसान पहुंच, गोपनीयता, मुफ्त परामर्श और किफायत का ऑनलाइन फ़ार्मेसियों जैसे फार्मईजी द्वारा कुशलता से समाधान किया जा रहा है|

फार्मईजी भारत की सबसे बड़ी फार्मेसी एग्रीगेटर्स में से एक है, जो उपभोक्ता को स्थानीय फ़ार्मेसियों से जोड़ने एवं उनकी विविध स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करता है। डॉ धवल शाह और धर्मिल सेठ द्वारा स्थापित,  इस कंपनी को 2015 में लॉन्च किया गया था ताकि सभी को उच्च मूल्य पर  स्वास्थ्य सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सके|

फार्मईजी के माध्यम से, उपभोक्ताओं को हर दवा के ऑर्डर पर 20% छूट और डाइयग्नॉस्टिक परीक्षणों पर सीधी 75% छूट मिलती है |अन्य मूल्य वर्धित सेवाओं में दैनिक खुराक रिमाइंडर्स, पुराने मरीज के लिए स्वत: मासिक रिफिल, 24 घंटे के भीतर मुफ्त परामर्श, बहु-शहर पहुंच और मुफ्त होमे डिलीवरी शामिल है।

फार्मईजी के एप के जरिए चार चरणों में दवा खरीदी जा सकती है।

  1. पहले फार्मईजी एप डाउनलोड करें,
  2. फिर अपना वैध परामर्श अपलोड करें,
  3. अपना पता और अन्य ब्यौरा डालें और
  4. बस दवा आप तक पहुंच जाएगी।

अब तक फार्मईजी ने भारत में दो लाख परिवारों की आवश्यकताओं को पूरा किया है| इसकी ई-फार्मेसी मॉडल ने अपने ग्राहकों को चिकित्सा लागतों पर 20 करोड़ रुपये की बचत करने में मदद की है| इस प्रकार फार्मईजी ने देश में सबसे तेजी से बढ़ती ई-फार्मेसी में से एक के रूप में अपने ब्रांड की स्थापना की है ।

उपभोक्ताओं को अपनी स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों पर बड़ी बचत सुनिश्चित करते हुए,फार्मईजी ने नकली दवाओं  और एंटीबायोटिक प्रतिरोध के उन्मूलन पर भी ध्यान केंद्रित किया है| यह कंपनी सभी  फार्मेसी कानूनों का अनुपालन करती है और इस व्यवसाय का समर्थन करने के लिए नियामक प्राधिकरणों को प्रोत्साहित करती है एवं शासन से अनुरोध करती है कि  वे ऑनलाइन फार्मेसी के लिए दिशा-निर्देशों को तेजी से तैयार करें|

ऑनलाइन दवाओं के अंधाधुंध बिक्री भी चिंता का विषय है | कंपनी का मानना है कि बिक्री वैध चिकित्सक  नुस्खे  पर ही होनी चाहिए, जो एक वर्ष से  कम पुराना हो  (यहां तक कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों के लिए भी) होनी चाहिए और एक विशेषज्ञ डॉक्टर पैनल है जो मुफ़्त ऑनलाइन पेशेवर परामर्श प्रदान करता है।

फार्मईजी भारतीय इंटरनेट फार्मेसी एसोसिएशन (आईआईपीए) का सदस्य है एवं डॉक्टर के पर्चे के बिना दवाएं नहीं बेचती है जो कि मौजूदा भारतीय कानून के अनुसार अवैध है| जिन रोगियों को फिर से रीफिल ज़रूरत होती है, उनको दूर करने के लिए, औषधि विशेषज्ञों का एक पैनल है, जो मुफ्त ऑनलाइन परामर्श के माध्यम से ताजा नुस्खे प्रदान करता है। यह वर्तमान कानूनी मानकों के अनुरूप है| यह डॉक्टर के क्लिनिक में लंबी प्रतीक्षा अवधि के बिना जीवनदायी दवाओं की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करता है।

फार्मईजी घर डायग्नोस्टिक परीक्षण उपलब्ध कराने के द्वारा बिस्तर से ग्रस्त मरीजों और उनके रिश्तेदारों के लिए बहुत बड़ा समाधान है| एसे मरीजों की देखभाल महंगा है, जिसकी लागत हर बार बढ़ जाती है, ऐसे रोगियों को नियमित परीक्षणों के लिए निदान केन्द्रों में ले जाना  पड़ता है। इसमे नैदानिक केंद्रों पर उपलब्ध विशेष सुविधाएं भी शामिल होगी जिससे मरीज़ो को लंबा इंतेज़ार न करना पड़े| ऐसे रोगी की देखभाल के लिए नैदानिक केंद्र भी पूरी तरह सक्षम नही होते हैं| फार्मईजी . ने  नैदानिक परीक्षणों को घर से करने की सुविधा के माध्यम से इस प्रकरण से मुक्ति दिलाई है|

यह  ई फार्मेसी वर्तमान में मुंबई (ठाणे और नवी मुंबई सहित), दिल्ली, नोएडा, गुड़गांव, कोलकाता, पुणे, बेंगलुरु, जयपुर और अहमदाबाद में दवाइयां प्रदान करती है| निदान परीक्षण की सुविधा मुंबई (ठाणे और नवी मुंबई सहित), दिल्ली, कोलकाता, पुणे, बैंगलोर और अहमदाबाद में उपलब्ध है।

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