GST को लोकसभा की मंजूरी,जानें 10 बड़े बदलाव

arunसबसे बड़ा आर्थिक सुधार बताए जा रहे गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानी जीएसटी से जुड़े 4 अहम विधेयक बुधवार को लोकसभा से पारित हो गए. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी को क्रांतिकारी कदम बताया तो पीएम मोदी ने नया नारा दिया- ‘नया साल, नया कानून, नया भारत’. जीएसटी से देश के वित्तीय ढांचे में ये 10 बड़े बदलाव आएंगे.

  • GST लागू होने के बाद पूरे देश में एक टैक्स प्रणाली होगी. अभी तक कुछ टैक्स लगाने का अधिकार केंद्र औॅर कुछ टैक्स लगाने का अधिकार राज्यों को था.
  • राज्य और केंद्र मिलकर सामान और सेवाओं पर टैक्स लगाएंगे. इससे देश भर में वस्तुओं के दाम कम होंगे. वित्तमंत्री ने कहा कि GST से आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जा रहा है. साथ ही सेहत पर खराब असर डालने वाले सामानों और लग्जरी प्रॉड्क्स पर ज्यादा टैक्स लगाया गया है.
  • जेटली ने कहा कि जीएसटी के कई टैक्स रेट होना ठीक है. हवाई चप्पल और बीएमडब्ल्यू पर एक समान टैक्स नहीं लगाया जा सकता है. संसद और राज्यों की विधानसभाओं को गुड्स और सर्विसेज पर टैक्स लगाने का अधिकार होगा.
  • जीएसटी काउंसिल में 32 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हैं. संविधान संशोधन के तहत जीएसटी के तहत पहले पांच साल में किसी राज्य को घाटा होगा, तो उसकी व्यवस्था की जाएगी. टैक्स को लेकर अगर दो राज्यों में विवाद होता है, तो आम सहमति से फैसला लिया जाएगा. जम्मू एवं कश्मीर राज्य को GST कानून के दायरे में नहीं लाया गया है.
  • GST लागू होने से टैक्स में चोरी आसान नहीं होगी.
  • GST के लागू होने के बाद देश भर में गुड्स एवं सर्विसेज की मूवमेंट आसान होगी.
  • GST के लागू होने से आपूर्ति क्षमता बेहतर होगी.
  • इस नई कर व्यवस्था से एकरूपता आएगी और ग्राहकों के लिए फायदेमंद साबित होगा. GST से ऑनलाइन लेनदेन बढ़ेगा और इससे कर देने वालों का दायरा बढ़ेगा. इसका ईमानदार करदाताओं को फायदा मिलेगा.
  • विश्व बैंक के एक अध्ययन में कहा गया है कि GST लागू होने से GDP में 2% का इजाफा होगा.
  • टैक्स दरों की चर्चा करते हुए लोकसभा जेटली ने कहा, अभी हमारे पास कई टैक्स ब्रैकेट्स हैं. ये टैक्स स्लैब्स 0%, 5%, 12%, 18% और 28% हैं. खाने-पीने की अहम चीजों पर 0% टैक्स, जबकि नुकसानदेह या लग्जरी चीज़ों पर अधिक टैक्स रखा गया है.

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