पीने वाले दूध में कितना जहर है, 50 रूपए में पता कर लो

milkशहर के रीसर्चरों ने एक ऐसी डिवाइस तैयार की है, जिसके जरिए महज दो मिनट में दूध की शुद्धता जांची जा सकती है। रीसर्चरों की टीम ने 30 मई को मंत्रालय में फूड ऐंड ड्रग्स ऐडमिनिस्ट्रेशन(FDA) और ड्रग्स ऐंड सिविल सप्लाइज मिनिस्टर गिरीश बापत के सामने डिवाइस का डेमो भी दिया।

यह प्रॉडक्ट दो साल पहले राइट टु रीसर्च फाउंडेशन के रीसर्चरों द्वारा तैयार किया गया था। इस प्रॉडक्ट में कागज की 4 स्ट्रिप्स हैं और हर स्ट्रिप दूध के कॉम्पोनेंट्स की जांच करने में मदद करती है। इन स्ट्रिप्स की मदद से दूध में यूरिया, सॉल्ट, ग्लूकोज और हाइड्रोजन पेरॉक्साइड की मात्रा की जांच की जा सकती है। पेपर की स्ट्रिप पर दूध का एक ड्रॉप डाला जाता है और अगर दूध में मिलावट है तो स्ट्रिप का रंग बदल जाता है।

उदाहरण से समझिए। मान लीजिए दूध में यूरिया की जांच करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली स्ट्रिप का रंग पीला है। ऐसे में अगर दूध में मिलावट है तो स्ट्रिप का रंग गुलाबनुमा लाल हो जाएगा। वहीं, दूध में सॉल्ट की जांच करने की जाए तो सॉल्ट की मात्रा अधिक होने पर भूरे रंग की स्ट्रिप पीले में बदल जाएगी। ग्लोकोज के लिए रंगहीन स्ट्रिप का इस्तेमाल किया जाता है, इसकी मात्रा अधिक होने पर स्ट्रिप का रंग भूरे में बदल जाएगा और हाइड्रोजन पेरॉक्साइड के केस में हल्के परपल रंग की स्ट्रिप गहरे नीले में बदल जाएगी।

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