स्वच्छ हवा शुद्ध जल, स्वस्थ रहेगा हमारा कल स्वच्छ पर्यावरण अभियान की रोचक शुरूआत

PHDपीएचडी चैम्बर आॅफ काॅमर्स एण्ड इंडस्ट्री ने समाज को स्वच्छ वातावरण का संदेश देने के लिए पीएचडी चैम्बर के तहत स्वच्छ पर्यावरण अभियान की शुरूआत के लिए एक इंटर-स्कूल प्ले प्रतियोगिता का आयोजन किया।
दिल्ली एनसीआर से तकरीबन 20 स्कूलों ने ‘स्वच्छ हवा शुद्ध जल, स्वस्थ रहेगा हमारा कल’ विषय पर आधारित रोचक स्क्रीनप्ले में हिस्सा लिया और मनोरंजन एवं व्यंग्य के साथ दर्शकों को स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया।
बच्चों द्वारा पेश किया नाटक बेहद जानकारीपूर्ण था। इसके माध्यम से उन्होंने पर्यावरण की मौजूदा स्थितियों, इसके प्रतिकूल प्रभावों के बारे में बताया तथा हमारी गतिविधियों के पर्यावरण पर प्रतिकूल परिणामों की जानकारी दी। पर्यावरण संरक्षण समय की मांग है ताकि हम अपनी आने वाले पीढ़ियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान कर सकें।
कार्यक्रम के जजों में शामिल थे फिल्मनिर्माता एवं सामाजिक कार्यकर्ता डाॅ लवलीन ठंडानी, लिविंग रूम थिएटर ग्रुप की डायरेक्टर सुश्री सरिता वोहरा, सेफड्यूकेट की संस्थापक सुश्री दिव्या जैन एवं यूएनआईसी की स्कूल प्रोजेक्ट को-आॅर्डिनेटर सुश्री ऐश्वर्या।
इस मौके पर भारत के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक व्यक्तित्व पद्म विभूषण डाॅ सोनल मानसिंह, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नामाकिंत ‘नवरत्नों’ में से एक हैं तथा कला के शक्तिशाली माध्यम से ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का संदेश प्रसारित करने में सक्रिय रही हैं ने कहा, ‘‘पीएचडी स्वच्छ पर्यावरण अभियान के साथ जुड़ना मेरे लिए गर्व की बात है। पिछले साढें पांच दशकों में मैंने नृत्य एवं संगीत प्रदर्शन, व्याख्यान आदि के माध्यम से स्वच्छ पर्यावरण के बारे में जागरुकता पैदा करने के लिए अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया है।
कला में अपार क्षमता है जो हमारे जीवन को दलदल से बाहर निकाल कर हमारे विचारों को स्वच्छ बना सकती है। कला के बिना जीवन में एक ठहराव आ जाएगा। इस अभियान, विशेष रूप से इंटर स्कूल प्ले के माध्यम से बच्चों ने समाज को बेहतर पर्यावरण का सशक्त संदेश दिया है।’’
सामाजिक कार्यकर्ता एवं अभिनेत्री शिवानी वज़ीर पसरीच ने कहा, ‘‘हाल ही में मैंने स्कूली बच्चों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने हेतू कुछ रचनाएं लिखी हैं। बच्चों के साथ रोचक तरीके से काम करना और साथ ही उन्हें महत्वपूर्ण जानकारी देना अपने आप में मुश्किल है। अगर ये संदेश नीरस होंगे तो बच्चों को रूचिकर नहीं लगेंगे। इसीलिए हमने एक रोचक-आकर्षक गीत बनाया है जो स्वच्छता का संदेश देता है। वनों के प्रति सहानुभूति रखना एक और बड़ा मुद्दा है।
मैं ‘आई एम द टाईगर’ संरक्षण परियोजना पर भी काम कर रही हूँ जिसके माध्यम से हम वन संरक्षण के बारे में जागरुकता पैदा करने के लिए लोगों को एक ही मंच पर लाते हैं। मैं पीएचडी चैम्बर को उनके स्वच्छ पर्यावरण अभियान के लिए बधाई देती हूँ और उम्मीद करती हूँ कि यह युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के बारे में सोचने और काम करने के लिए प्रेरित करेगा।’’
पीएचडी चैम्बर आॅफ काॅमर्स एण्ड इंडस्ट्री में स्वच्छ पर्यावरण अभियान के चेयरमैन श्री जी एस सिंघवी ने कहा, ‘‘हम संदूषित हवा और पानी के इस गंभीर संकट का समाधान करना चाहते हैं, जो बढ़ते बच्चों के लिए पोषकों के गिरते स्तर का मुख्य कारण भी है। नवम्बर 2016 से अप्रैल 2017 तक के लिए पेश किया गया यह अभियान युवाओं, स्कूली विद्यार्थियों, सामाजिक क्षेत्र के उपक्रमों, कोरपोरेट सदनों, सरकारी संगठनों, न्छप्ब्ए न्छम्ैब्व्ए छळव् सभी को आकर्षित कर रहा है। समाज के सभी वर्गाों के लोग सक्रियता के साथ इसमें हिस्सा ले रहें हैं। अभियान युवाओं को ‘मिशन स्वच्छ भारत’ के भावी अंबेसडर के रूप में विकसित करेगा।

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