सेंट्रल जेल आतंकियों की फरारी पर केंद्र सख्त, किया जवाब-तलब

Bhopal-Central-Jailभोपाल सेंट्रल जेल से सिमी आतंकियों की फरारी को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। केंद्र सरकार ने इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार से जवाब-तलब किया है। वहीं राजनाथ सिंह से बात करने के बाद खुद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूरी घटना की एनआइए से जांच कराने की घोषणा कर दी है। सिमी आतंकियों की फरारी और मुठभेड़ में उनके मार गिराये जाने के दौरान कई ऐसे पहलू हैं, जिनकी गहन जांच की जरूरत है और एनआइए को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मध्यप्रदेश की जेल से तीन साल के भीतर दूसरी बार सिमी आतंकियों के फरार होने से राज्य में जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठ गया है। गृहमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन को यह मालूम था कि जेल में तीन वे आतंकी भी थे, जो 2013 में खंडवा की जेल से फरार हो चुके हैं। इसके बावजूद उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किये गए। वैसे राज्य सरकार ने जेल प्रशासन के चार वरिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। लेकिन राज्य सरकार को अन्य जेलों में बंद आतंकियों की सुरक्षा की समीक्षा करने को कहा गया है। एनआइए आतंकियों की सुरक्षा व्यवस्था में जेल प्रशासन की चूक की जांच भी करने को कहा जा सकता है।
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि खंडवा की जेल से फरार होने के बाद सात आतंकियों ने लगभग बैंक डकैती से लेकर चेन्नई, पुणे और बिजनौर में लगभग आधा दर्जन वारदात को अंजाम दिया था। अंतत एक एनकाउंटर में तेलंगाना पुलिस को तीन आतंकियों को पकड़ने और तीन को मुठभेड़ में मार गिराने में सफलता मिली। तब से उन्हें भोपाल की जेल में रखा गया था। उन्होंने कहा कि यदि इन आतंकियों को मार नहीं गिराया होता, वे आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते थे।

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