जजों की नियुक्ति का मामला : केन्‍द्र ने जस्टिस केएम जोसेफ का नाम लौटाया

Kapil Sibal & Ravi Shankar Prasadकेन्‍द्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति को लेकर जस्टिस केएम जोसेफ का नाम लौटा दिया है। इस पर कांग्रेस और भाजपा में सियासी जंग छिड़ गया है। कांग्रेस नेता कपिल सिब्‍बल ने जजों की नियुक्ति को लेकर केन्‍द्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की वरिष्‍ठ वकील इंदु मल्‍होत्रा को जज बनने पर बधाई देते हुए कहा कि उत्‍तराखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट में जज नहीं बनाने पर केन्‍द्र सरकार को आडे हाथ लिया। इस पर केन्‍द्र सरकार ने कांग्रेस के इस आरोपों को खारिज कर दिया। सूत्रों के अनुसार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलिजियम से जस्टिस जोसेफ के नाम पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। कॉलिजियम ने वरीयता क्रम में जस्टिस जोसेफ को पहले और मल्‍होत्रा को दूसरे नंबर पर रखा था।

सिब्बल ने गुरुवार को यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा कि देश में न्यायपालिका की स्वतंत्रता खतरे में है। उन्होंने कहा, ‘सरकार हाई कोर्ट में अपने लोगों को बैठाना चाहती है। जस्टिस केएम जोसेफ पर कॉलिजियम की अनुशंसा को सरकार पास नहीं कर रही है। जोसेफ सबसे काबिल जजों में शुमार होते हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी नियुक्ति में अड़ंगा लगा रही है। केंद्र को लगता है कि वह काबिल ही नहीं है।’

उधर, केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए उल्टे कांग्रेस पर ही आरोप लगा डाले। कानून मंत्री ने कहा कि देश के कई जज जस्टिस जोसेफ से सीनियर हैं। कांग्रेस का रेकॉर्ड सबको पता है। जस्टिस जोसेफ से 41 जज सीनियर हैं। खबरों के मुताबिक सरकार ने कॉलिजियम से जस्टिस जोसेफ के नाम की अनुशंसा पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है।

सिब्बल ने कहा, ‘हम वकीलों से पूछना चाहते हैं कि आज न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए कौन खड़ा होगा।’ सिब्बल ने देश की कई हाई कोर्ट में जजों के खाली पदों का ब्योरा देते हुए कहा, ‘इलाहाबाद हाई कोर्ट में 60, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में 31, बॉम्बे हाई कोर्ट में 24, कलकत्ता हाई कोर्ट में 39, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में 23, गुजरात हाई कोर्ट में 22, कर्नाटक हाई कोर्ट में 32, एमपी और ओडिशा हाई कोर्ट में 21-21, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में 35 और राजस्थान हाई कोर्ट में 17 सीटें खाली हैं। केंद्र सरकार यहां अपने लोगों को भरना चाहती है।’

कॉलिजियम ने सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में उत्तराखंड के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ की नियुक्ति की भी सिफारिश की थी। जस्टिस जोसेफ और मल्होत्रा की उन्नति की सिफारिशें लगभग तीन महीने पहले की गई थीं। सुप्रीम कोर्ट कॉलिजियम की सिफारिश करने की फाइल 22 जनवरी को कानून मंत्रालय पहुंची। फरवरी के प्रथम सप्ताह में शुरू हुई स्वीकृति की प्रक्रिया में केवल इंदु मल्होत्रा का नाम आगे बढ़ सका है।

सरकार का मानना है कि न्यायमूर्ति जोसेफ के नाम की सिफारिश करते समय कॉलेजियम ने वरिष्ठता और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को नजरअंदाज कर दिया है। वह 669 हाई कोर्ट के न्यायाधीशों की वरिष्ठता सूची में 42वें नंबर पर हैं। गौरतलब है कि जस्टिस जोसेफ ने ही उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के एनडीए सरकार के फैसले को पलट दिया था।

साभार- NBT

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