संसद में भारी हंगामे से ‘गम और गुस्से’ में स्पीकर

parliamentनोटबंदी पर संसद में लगातार चौथे दिन भी विपक्ष ने एकजुट होकर हंगामा जारी रखा। लिहाजा, संसद के दोनों सदनों में कोई कामकाज नहीं हो सका। समूचे विपक्ष ने प्रधानमंत्री को संसद में पेश होने और नोटबंदी पर जवाब देने की मांग की। साथ ही सरकार को नोटबंदी की वजह से कथित तौर पर मारे गये 70 लोगों को दस से 50 लाख रुपये तक का मुआवजा देने की मांग की।

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राज्यसभा में विपक्ष ने ‘पीएम की मन की बात, गरीब आदमी के पेट पर लात’ जैसे नारे जोर शोर से लगाये। सत्तापक्ष के सदस्यों ने भी इसका कड़ा विरोध किया। वहीं विपक्षी दलों के करीब 200 सांसद नोटबंदी के फैसले के खिलाफ बुधवार को संसद भवन परिसर में धरना देंगे।

लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी सदन के हो-हंगामे पर खेद जताया है। महाजन ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अगर आप गरीबों, आम लोगों की परेशानियों को उठाना चाहते हैं तो चर्चा करें। अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे और नारेबाजी के बीच प्रश्नकाल की कार्यवाही चलाई।

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लोकसभा और राज्यसभा में सुबह से ही विपक्षी सदस्य हमलावर रहे। इससे सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा में कांग्रेस, माकपा, जदयू, बसपा समेत ज्यादातर विपक्षी दलों ने कथित तौर पर मारे गये 70 लोगों को मुआवजा देने की मांग की।

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दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों ने वेल में आकर नारेबाजी की। राज्यसभा में कांग्रेस, बसपा और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने उपसभापति के आसन के सामने प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर नारे लगाये। राज्यसभा में सत्तापक्ष के सदस्यों ने भी विपक्ष के खिलाफ जमकर नारे लगाये। सत्तापक्ष के सदस्यों ने आगे आकर विरोध किया।

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