ATM में तकनीकी खराबी, अभी लगेंगे 2-3 हफ्ते- Arun Jaitley

ARUNJAIL500 और 1000 के नोट बदलकर कालाधन रखने वालों पर लगाम लगाने की मोदी सरकार की महत्वकांक्षी योजना आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती दिखाई दे रही है। सरकार के सुर भी अब बदले दिखाई दे रहे हैं और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी माना है कि ATM की स्थिति सामान्य होने में अभी 2 से 3 हफ्ते का समय और लग सकता है। जेटली ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान साफ़ कर दिया कि नए नोट का साइज़ अलग होने के चलते ATM मशीनों में बदलाव किए जाने की ज़रुरत है।

पहले सरकार ने 2-3 दिन में सामान्य होने की बात कही थी

गौरतलब है कि शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्पष्ट कर दिया है कि 500, 1000 रुपए के पुराने नोट बैन करने की प्रक्रिया काफी बड़ी है और आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। उन्होंने लोगों से नई अर्थव्यवस्था में डिजिटल प्लैटफॉर्म के इस्तेमाल की अपील की। वित्त मंत्री ने यह भी साफ किया कि रिजर्व बैंक के पास कैश की कोई कमी नहीं है। अरुण जेटली ने लगे हाथ कांग्रेस समेत उन विपक्षी पार्टियों की आलोचना भी की जो इस फैसले का विरोध कर रही हैं। जेटली ने कहा कि लोगों और देश का हक है कि वे जानें कि उनके (कांग्रेस) पास पैसा कहां से आया और पैसा सही है या नहीं।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘नोट कमी की लगातार निगरानी हो रही है। दो ऐसे विशेष वर्ग हैं जिनका मैं खासतौर से आभार व्यक्त करना चाहूंगा। पहला इस देश के लोग जो तमाम परेशानियों के बीच संयम और नियम-कानून का पालन कर बैंकिंग सिस्टम को सपॉर्ट कर रहे हैं।’ जेटली ने बैंक के कर्मचारी और अधिकारियों का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे बिना छुट्टी लिए हुए सुबह से लेकर देर रात लगे हुए हैं। नॉर्मल बैंकिंग ऐक्टिविटी से अलग बहुत बड़ी कार्रवाई बहुत अच्छे तरीके से अंजाम दे रहे हैं।’ जेटली ने कहा, ‘सरकार ने जब निर्णय लिया कि 500, 1000 के पुराने नोट वैध नहीं रहेंगे तो सोचा गया था कि 86 फीसदी राशि यानी 14 लाख करोड़ रुपये में से एक बहुत बड़ी राशि को बदलवाने के लिए लोग बैंक जाएंगे। इसमें बहुत भीड़ होगी।’

जेटली ने कहा, ‘यह एक बड़ा ऑपरेशन है। यह कितना बड़ा होगा इसकी तस्वीर एक आंकड़े के आधार पर पेश करना चाहूंगा। इस पूरी तस्वीर को देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के आंकड़ों से समझा जा सकता है। आज दोपहर 12:15 मिनट तक एसबीआई ने अकेले करंसी बदलने में 2 करोड़ 28 लाख ट्रांजेक्शन किए हैं। बहुत कम लोग होंगे जो दो बार आए होंगे। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि बैंकिंग सिस्टम कितनी मात्रा में लोगों को सर्विस कर रहे हैं।’

वित्त मंत्री ने बताया, ‘दो दिनों और कुछ घंटों में स्टेट बैंक का मौद्रिक ट्रांजेक्शन 54370 करोड़ रुपए रहा है। इसमें कैश डिपॉजिट 47868 करोड़ रुपए है। इससे आप अंदाजा लगा लीजिए कि इस योजना का उद्देश्य कितनी तेजी से पूरा हो रहा है। इस योजना का उद्देश्य था कि कैश ट्रांजेक्शन बैकिंग सिस्टम में आएं। दूसरे बैंकों को मिला लें तो अंदाजन यह संख्या लाख करोड़ पार कर रही है।’ जेटली ने कहा, ‘अकेले एसबीआई में 58 लाख एक्सचेंज, 22 लाख के एटीएम ऑपरेशन हुए हैं, साथ ही 33 लाख लोगों ने पैसे निकाले हैं। डिपॉजिट करने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। पिछले दो दिन और कुछ घंटों में करोड़ों की संख्या में लोग पैसा डिपॉजिट कर रहे हैं, एक्सचेंज भी कर हैं और निकाल भी रहे हैं।’

वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया कि आरबीआई के पास पर्याप्त मात्रा में करंसी है। उन्होंने कहा, ‘इसकी आशंका पहले से थी कि इतने बड़े ऑपरेशन में समय लगेगा। रिजर्व बैंक के पास पर्याप्त संख्या में पैसा है। यह अलग मसला है कि लोग एक खास किस्म की करंसी चाहते हैं और हो सकता है कि उपलब्ध दूसरी हो। लोगों की बड़ी संख्या अगले कुछ दिन और दिखती रहेगी। मेरी केवल इतनी अपील है कि 30 दिसंबर तक एक्सचेंज और डिपॉजिट करने की सुविधा उपलब्ध है। सब पहले ही आ जाएं जरूरी नहीं।’

जेटली ने लोगों को एटीएम के सामने हो रही दिक्कत को भी एक्सप्लेन किया। उन्होंने कहा कि इसमें टेक्नॉलजी की वजह से भी सीमाएं हैं। 2 लाख एटीएम मशीनों को पहले नए नोट के हिसाब से तैयार नहीं किया गया। पुराने सिस्टम में 100, 500 और 1000 के नोटों के लिए ही व्यवस्था थी। अब नए सिस्टम में इसकी व्यवस्था करनी है। नए नोट की साइज भी थोड़ी अलग है। इसलिए अभी अधिकतर 100 रुपए वाली करंसी मिल रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि नए बदलाव को सीक्रिट रखने के लिए भी यह बदलाव पहले नहीं किया गया।

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