आसाराम पर नई FIR करने का ऑर्डर, 1 लाख का जुर्माना भी : सुप्रीम कोर्ट

asaram bapuसुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मेडिकल ग्राउंड्स पर बेल दिए जाने की आसाराम की पिटीशन को खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि हेल्थ से जुड़े फर्जी डॉक्युमेंट्स पेश करने पर उसपर नई एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। आसाराम पर एक लाख रु. का जुर्माना भी लगाया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि ट्रायल को बेवजह ज्यादा खींचा गया। गवाहों पर हमले करवाए गए, जिनमें से 2 की मौत हो चुकी है।” आसाराम ने अपने शरीर में बारह तरह की बीमारियों का जिक्र करते हुए सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। पिटीशन में बताया गया था कि उसका इलाज केरल में आयुर्वेद पद्धति से ही संभव है। ऐसे में उन्हें वहां जाकर इलाज कराने की परमिशन दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा, “आसाराम की सेहत इतनी खराब नहीं है कि उन्हें जमानत दी जाए।” कोर्ट ने आसाराम की ओर से हेल्थ से जुड़े फर्जी सर्टिफिकेट पेश करने को लेकर कड़ी नाराजगी जताई और नई FIR करने के ऑर्डर दिए। कोर्ट ने आसाराम पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

पिछले साल जुलाई में आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट से अपना इलाज कराने के लिए इंटरिम बेल देने की मांग की थी। इसपर कोर्ट ने उसे दिल्ली एम्स में चैकअप कराने का आदेश दिया था। एम्स के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में आसाराम को किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं बताई गई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। बता दें कि लंबे वक्त से व्हीलचेयर पर आने वाले आसाराम इन दिनों पैदल ही कोर्ट पहुंच रहे हैं। कई बार तो वे बगैर लिफ्ट के सीढ़ियां चढ़ मौजूद हुए।
आसाराम के गुरुकुल में पढ़ने वाली एक नाबालिग ने आरोप लगाया था कि 15 अगस्त 2013 को आसाराम ने जोधपुर के निकट मणाई गांव स्थित एक फार्म हाउस में उसका सेक्शुअल हैरेसमेंट किया। 20 अगस्त 2013 को लड़की दिल्ली के कमला नगर पुलिस थाने में आसाराम के खिलाफ केस दर्ज कराया। जोधपुर का मामला होने के कारण दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच करने के लिए जोधपुर भेजा। जोधपुर पुलिस ने आसाराम के खिलाफ नाबालिग से हैरेसमेंट का केस दर्ज किया। 31 अगस्त 2013 को पुलिस इंदौर से आसाराम को गिरफ्तार कर जोधपुर ले आई। उसके बाद से वह जोधपुर जेल में ही बंद रहा। इस दौरान आसाराम की तरफ से सुप्रीम और हाईकोर्ट समेत जिला कोर्ट में 11 बार जमानत लेने की कोशिश की गई। उसकी तरफ से राम जेठमलानी, सुब्रमण्यम स्वामी, सलमान खुर्शीद सहित देश के कई जानेमाने वकील तक पैरवी कर चुके है।

 

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