शादी के बाद.. एक नयी शुरुआत

after-marriegeकई बार महिलाओं के सपनों इस बात पर दम तोड़ देते हैं कि अब वे मां बन गयी हैं और शरीर में वो बात नहीं रही जो शादी से पहले होती है. जबकि यह तथ्य बिल्कुल फिजूल हैं. हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि शादी के बाद या मां बनने के बाद एक औरत का शरीर कमजोर नहीं होता बल्कि और मजबूत हो जाता है.

यूपी के मथुरा की ताइक्वांडो चैंपियन नेहा की कहानी उन महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है जो शादी के बाद यह मान लेती हैं कि उनका करियर ही खत्म हो गया है. नेहा ने न सिर्फ शादी के बाद पढाई की बल्कि अपनी मेहनत के दम पर नेशनल ताइक्वांडो प्रतियोगिया में गोल्ड मेडल भी हासिल किया. अगर नेहा शादी के बाद ताइक्वांडो चैंपियन हो सकती है कोई भी महिला शादी के बाद जो चाहे कर सकती है.

दरअसल शादी के बाद एक नयी शुरुआत हो सकती है. अपना हर वो हुनर आजमाने के लिए जो शादी के पहले किन्ही कारणों से अधूरा रह गया था. केरल की करीब 70 वर्षीय दिलेर और जुझारू मीनाक्षी अम्मा को हे देख लीजिये. इस उम्र में जब औरतें अपने नातीपोतों के साथ घर पर अपना बुढापा गुजारती हैं वहां मीनाक्षी अम्मा मार्शल आर्ट कलारीपयट्ट का निरंतर अभ्यास करती हैं.

कलारीपयट्ट तलवारबाजी और लाठियों से खेला जाने वाला केरल का एक प्राचीन मार्शल आर्ट है. इस कला में वे इतनी पारंगत हैं कि अपने से आधी उम्र के मार्शल आर्ट योद्धाओं के छक्के छुड़ाने का दम रखती हैं. इस उम्र में भी वह इसका निरंतर अभ्यास करती हैं. वह कहती हैं, आज जब लड़कियों के देर रात घर से बाहर निकलने को सुरक्षित नहीं समझा जाता और इस पर सौ सवाल खड़े किए जाते हैं, कलारीपयट्ट ने उनमें इतना आत्मविश्वास पैदा कर दिया है कि उन्हें देर रात भी घर से बाहर निकलने में किसी प्रकार की झिझक या डर महसूस नहीं होता. इन्हें प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया.

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