कुछ सेकंड में ही 5 लाख करोड़ रुपये स्‍वाहा, वॉल स्‍ट्रीट में मचा हाहाकार

Stock Market sensexमंगलवार को भारतीय शेयर बाजार खुलते ही सेंसेक्‍स की शुरुआत 1,274 अंकों की गिरावट के साथ हुई जिससे निवेशकों का सबसे बुरा सपना सच हो गया। जिससे निवेशकों का कुछ सेकंड में ही 5 लाख करोड़ रुपये स्‍वाहा हो गए। शुरू में ही गोते लगाने के बाद बाजार थोड़ा संभला और बेंचमार्क इंडेक्‍स ने रिकवरी करना शुरू की। इसके बावजूद दलाल स्‍ट्रीट के लिए मंगलवार ब्‍लैक टयूजडे साबित हुआ। सेंसेक्‍स बड़ी गिरावट के साथ 33,482 तक पहुंचा। सेंसेक्‍स के सभी स्‍टॉक्‍स रेड में ट्रेंड कर रहे हैं। निफटी ने भी लगभग 350 अंकों की गिरावट दर्ज की है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसा क्‍या हुआ जिससे मार्केट घुटने टेकने पर मजबूर हुआ।

दरअसल सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में शाम 3 बजे के तुरंत बाद तेज गिरावट आई। जिससे सामान्‍य आर्थिक परिस्थितियां और लाभ कमाने के मकसद से की गई शेयरों की बिकवाली इसकी मुख्‍य वजह रही है। बीएनपी परिबास म्यूचुअल फंड के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर रितेश जैन ने कहा, ‘अमेरिकी शेयरों की गिरावट पर भारतीय बाजार की पैनी नजर है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्ती, महंगाई के डर और बॉन्ड यील्ड्स की गतिविधियों से अमेरिकी वॉलेटिलिटी इंडेक्स VIX में उछाल आ गई है।’ उन्होंने कहा कि मार्केट में मुनाफे की लालच की जगह डर ने ले लिया जिसके नरम पड़ने में कुछ दिनों का वक्त लग सकता है। जैन ने कहा, ‘तब तक देखो और इंतजार करो की स्थिति है।’

भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) मंगलवार से बैठक की शुरुआत करेगी जिसका फैसला बुधवार को आएगा। वित्त वर्ष 2018 की यह छठी द्विमासिक मॉनिटरी पॉलिसी बैठक होगी। कई रिपोर्ट्स में आशंका जताई जा रही है कि आरबीआई राजकोषीय घाटे के टारगेट को देखते हुए कडे़ फैसले ले सकता है। सरकार फिस्कल डेफिसिट का टारगेट 3.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.5 प्रतिशत कर चुकी है। दिसंबर में रिटेल महंगाई 17 महीने के उच्चतम स्तर 5.21 पर पहुंच गई थी।

बजट में इक्विटीज पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स की वापसी की घोषणा के बाद से ही बाजार का मूड निराशा भरा है। केंद्रीय बजट की घोषणा के बाद भारतीय बाजारों ने बड़ी गिरावट देखी थी। फिस्कल टारगेट पुरा न होने से भी बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा है।

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